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बुधवार, 18 फ़रवरी, 2009 को 02:18 GMT तक के समाचार
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अफ़ग़ानिस्तान में 17 हज़ार सैनिक और
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिक
अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ युद्ध अमरीका के लिए चुनौती साबित हो रहा है
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अफ़ग़ानिस्तान में 17 हज़ार अतिरिक्त अमरीकी सैनिकों की तैनाती को मंज़ूरी दे दी है.

इसमें 12 हज़ार सैनिक होंगे और पाँच हज़ार सहायक कर्मचारी होंगे.

इनकी तैनाती अगले कुछ महीनों में की जाएगी.

इसकी मंज़ूरी देते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है कि 'अफ़ग़ानिस्तान में बिगड़ती स्थिति को सुधारने के लिए' यह क़दम उठाना ज़रुरी था.

हालांकि एक समय पर कहा जा रहा था कि अफ़ग़ानिस्तान का युद्ध बिसराया जा चुका है लेकिन अब राष्ट्रपति ओबामा कह रहे हैं कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में 'तत्काल ध्यान दिए जाने की ज़रुरत है'.

बराक ओबामा के राष्ट्रपति बनने के साथ ही अफ़ग़ानिस्तान की नीति पर पुनर्विचार के बाद यह सैनिकों की पहली बड़ी तैनाती है.

महत्वपूर्ण

जिन सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान में तैनात किया जा रहा है उन्हें पहले इराक़ भेजा जाना था.

तैनाती को मंज़ूरी देते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है, "चूंकि हम इराक़ में अपने सैनिकों की संख्या ज़िम्मेदारी के साथ धीरे-धीरे घटाने जा रहे हैं, इससे हमें यह अवसर मिल गया है कि हम अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों की संख्या बढ़ा सकें."

समाचार एजेंसी रॉयटर्स से व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि इराक़ में सैनिकों की संख्या में कटौती का निर्णय कुछ ही हफ़्तों में ले लिया जाएगा.

इसके लिए सैनिकों की कमी को पूरा करने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति ने 12 सैनिकों को वसंत तक कर दी जाएगी जबकि पाँच हज़ार सहायक कर्मचारियों को गर्मियों तक तैनात किया जाएगा.

बराक ओबामा
ओबामा चुनाव प्रचार के दौरान अफ़ग़ानिस्तान पर ज़्यादा ध्यान देने पर ज़ोर दे रहे थे

इनमें से आठ हज़ार मरीन सैनिक होंगे जबकि चार हज़ार आर्मी सैनिक.

इन सैनिकों की तैनाती अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी हिस्सों में की जाएगी जहाँ स्थिति ज़्यादा ख़राब है.

इस समय अफ़ग़ानिस्तान में 34 हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं.

इनमें से 20 हज़ार सैनिक तो सीधे अमरीकी नेतृत्व में तैनात हैं जबकि 14 हज़ार नैटो के नेतृत्व में काम कर रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान बराक ओबामा कहते रहे थे कि रणनीतिक रुप से अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति इराक़ की तुलना में ज़्यादा महत्वपूर्ण है.

वे इराक़ को ध्यान बंटाने वाला युद्ध कहते रहे हैं.

हालांकि माना जा रहा था कि वे अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों की संख्या दोगुना करके साठ हज़ार कर देंगे.

अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अमरीकी सैन्य अधिकारियों ने भी 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की मांग की थी.

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