|
'अफ़ग़ानिस्तान को मदद देते रहेंगे' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई को भरोसा दिलाया है बराक ओबामा से भी उन्हें सहयोग मिलता रहेगा. अचानक काबुल पहुँचे बुश ने कहा कि वे चाहते हैं कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ओबामा अपने उस वादे को निभाएँ जिसमें उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजने की बात कही है. बुश ने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मुलाक़ात करने से पहले बग़राम एयर बेस पर अमरीकी सेना को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि अमरीका के नेतृत्व वाली सेना आने के बाद से पिछले आठ सालों में अफ़ग़ानिस्तान आश्चर्यजनक रूप से बदल गया है. बुश ने इराक़ से अफ़ग़ानिस्तान के लिए उड़ान भरी जहाँ एक प्रेस कांफ़्रेंस के दौरान एक इराक़ी पत्रकार ने उनके ऊपर जूते फेंके और उनका अपमान किया. इस दौरे के दौरान बुश और इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी मलिकी के साथ नए रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते में कहा गया है कि अमरीकी सेना वर्ष 2011 तक इराक़ से हट जाएगी. उम्मीद के अनुसार प्रगति राष्ट्रपति बुश ने क़ाबुल के उत्तर में स्थित बगराम एयर बेस पर रविवार सुबह अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के नेतृत्व वाली सेनाओं के अमरीकी कमांडर जनरल डेविड मैक्कीरनन के साथ मुलाक़ात की.
इसके बाद वे एक बड़े सफ़ेद टैंट में पहुँचे जहाँ सैकड़ों अमरीकी सैनिकों ने उनका अभिनंदन किया और धन्यवाद अदा किया. उन्होंने अपने भाषण में कहा, "मुझे विश्वास है कि हम अफ़ग़ानिस्तान में सफल होंगे क्योंकि हमारा उद्देश्य सही है." उन्होंने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान पिछले आठ सालों में आश्चर्यजनक रूप से बदल गया है. हम उम्मीद के अनुसार प्रगति कर रहे हैं." बुश ने कहा कि वे समझ गए थे कि देश में ज़्यादा सेना की ज़रूरत है और इसीलिए उन्होंने सेना बढ़ाने के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक़ ओबामा के वचन का समर्थन किया. बुश ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ काम करते रहना ज़रूरी था ताकि इसकी अफ़ग़ानिस्तान के साथ लगी सीमा पर रहने वाले चरमपंथियों पर दबाव बना रहे. ज़रूरी मिशन उन्होंने कहा, "अगर पाकिस्तान ऐसा स्थान है जहाँ से लोग जनता और सेना पर हमला करने में आसानी महसूस करते हैं तो इससे अफ़ग़ानिस्तान में सफल होना मुश्किल हो सकता है." उनका कहना था, अगर अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान सहयोग करें तो सीमा क्षेत्र में सेना तैनात करना आसान हो सकता है. बुश ने पत्रकारों से कहा कि वे इराक़ की ही तरह अफ़ग़ानिस्तान में भी चाहते हैं कि यहाँ प्रजातंत्र विकसित हो ताकि देश अपने पैरों पर खड़ा हो सके. उन्होंने कहा, "रास्ते में मुश्किलें बहुत हैं लेकिन हमारा मिशन बहुत ज़रूरी है." | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ी पत्रकार ने बुश पर जूते फेंके15 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना 'इराक़ में अभी काफी कुछ करने की ज़रूरत'14 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना 'इराक़ में अमरीकी सेना का अंतिम दौर'13 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना इराक़ में ज़ोरदार आत्मघाती धमाका11 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना मार्च तक हट सकते हैं ब्रितानी सैनिक10 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना रॉबर्ट गेट्स 'बने रहेंगे अमरीकी रक्षा मंत्री'26 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना बग़दाद में बम विस्फोट, 18 की मौत24 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना इराक़ी कैबिनेट ने समझौते को मंज़ूरी दी16 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||