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'अल क़ायदा कर सकता है हमला' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के प्रमुख सीनेटर जॉन कैरी का कहना है कि अधिकतर ख़ुफिया एजेंसियों का मानना है कि चरमपंथी अगला हमला पाकिस्तान से करने की तैयारी में हैं. एक अमरीकी अख़बार में सीनेट की विदेश मामलों की समिति के प्रमुख जॉन कैरी के लेख का हवाला दिया है. लेख में कैरी ने कहा है कि चरमपंथी संगठन अल क़ायदा हमले करने के मंसूबे को पाकिस्तान से पूरा करने की कोशिश कर सकता है. कैरी ने कहा, "पाकिस्तान में मज़हबी कट्टरता तेज़ी से फैल रही है. इसके अलावा वहाँ परमाणु हथियारों की मौजूदगी एक गंभीर मसला है." कैरी का कहना है कि पाकिस्तान में स्थिति बहुत ख़राब है. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान पर चौतरफा दबाव है. भारत के साथ तनाव, कबायली क्षेत्रों की अशांत स्थिति और दिन पर दिन कमज़ोर हो रही आर्थिक हालत से पाकिस्तान की साख दांव पर है." कैरी ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की भी हिमायत की है. उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच शांति वार्ता फिर शुरू होनी चाहिए ताकि क्षेत्र में तनाव कम हो और पाकिस्तान अपनी पूरी ताक़त अफ़ग़ानिस्तान से सटे अशांत कबायली इलाकों में लगा सके." उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता शुरू करने के लिए अमरीका को प्रयास करने चाहिए. पाकिस्तान को आर्थिक मदद की ज़रूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आर्थिक मदद मुहैया कराने के लिए अमरीका को आगे आना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें किनके समर्थन से जीते ओबामा..05 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना पाकिस्तान के साथ सौतेला व्यवहार: मुशर्रफ़24 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस जब गीलानी ने लिया मोदी का सहारा...24 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाक में दो मिसाइल हमले: 14 मरे23 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी कदम उठाए'21 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'दुनिया की नज़र है पाकिस्तान पर'20 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'समझौता के संदिग्धों की मांग होगी'19 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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