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शनिवार, 24 जनवरी, 2009 को 23:53 GMT तक के समाचार
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गज़ा को लेकर बीबीसी पर दबाव
गज़ा
गज़ा में इसराइली हमले ने भारी तबाही मचाई है
बीबीसी पर यह दबाव बना हुआ है कि वह गज़ा में मानवीय सहायता की अपील का प्रसारण करे. दूसरे चैनलों ने इसे प्रसारित करने के लिए सहमति दे दी है.

शनिवार को कोई दो हज़ार लोगों ने लंदन में बीबीसी के मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया है और इस अपील के प्रसारण की मांग की है.

बीबीसी के महानिदेशक मार्क थॉम्पसन का कहना है कि यदि बीबीसी इस अपील का प्रसारण करती है तो इससे गज़ा विवाद के निष्पक्ष प्रसारण को लेकर बीबीसी के प्रति लोगों का विश्वास घटने का ख़तरा हो सकता है.

लेकिन बीबीसी मुख्यालय के सामने हुए प्रदर्शन के बाद ब्रिटेन के सामाजिक न्याय मंत्री हैज़ेल ब्लियर्स ने बीबीसी से इसे प्रसारित न करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है.

बीबीसी ट्रस्ट के चेयरमैन माइकल लॉयन्स ने बीबीसी की संपादकीय निष्पक्षता के मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.

हालांकि पहले ब्रिटेन के दूसरे चैनलों ने बीबीसी के साथ 'डिज़ास्टर इमरजेंसी कमेटी' की सहायता अपील को प्रसारित न करने के लिए सहमति जताई थी.

लेकिन बाद में आईटीवी, चैनल-4 और फ़ाइव ने इसे प्रसारित करने का फ़ैसला किया है. यह अपील पहली बार सोमवार को प्रसारित होगी.

स्काई टीवी ने कहा है कि वह अभी भी इस पर विचार कर रहा है.

'निष्पक्षता'

ब्लॉग के ज़रिए दिए गए अपने संदेश में बीबीसी के महानिदेशक मार्क थॉम्पसन ने कहा है, "सहायता की अपील के साथ वही तस्वीरें दिखाई जाएंगीं जो हम अपने समाचारों के साथ दिखा रहे हैं लेकिन सहायता के लिए तस्वीर दिखाकर लोगों से दान देने की अपील की जाएगी."

 इसमें बीबीसी के लिए एक ख़तरा यह है कि इस अपील के प्रसारण का अर्थ यह लगाया जा सकता है कि हम एक जारी विवाद में राजनीतिक पक्ष ले रहे हैं
मार्क थॉम्पसन, महानिदेशक, बीबीसी

उनका कहना है, "इसमें बीबीसी के लिए एक ख़तरा यह है कि इस अपील के प्रसारण का अर्थ यह लगाया जा सकता है कि हम एक जारी विवाद में राजनीतिक पक्ष ले रहे हैं."

उन्होंने कहा है कि बीबीसी 'गज़ा के इस विवाद में संस्थान समाचारों में मानवीय पहलुओं का विस्तृत विवरण देना जारी रखेगा, जहाँ वह पूरे मामले को सही परिप्रेक्ष्य में, निष्पक्षता और संतुलन के साथ प्रसारित कर सकेगा.'

इससे पहले शनिवार को लंदन में बीबीसी मुख्यालय के सामने काफ़ी लोग एकत्रित हो गए थे. पुलिस के अनुसार उनकी संख्या दो हज़ार थी. इन लोगों ने 'बीबीसी शर्म करो' के नारे लगाए और फिर एक ज्ञापन भी सौंपा.

इस रैली में सात लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि पाँच लोगों को इसलिए गिरफ़्तार किया गया है क्योंकि वे पुलिस को रोकने का प्रयास कर रहे थे.

एक व्यक्ति को पुलिस पर हमला करने के आरोप में हिरासत में लिया गया जबकि दूसरे पर नशीली दवा रखने का आरोप लगाया गया है.

इस विरोध प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ राजनीतिज्ञ टोनी बेन ने कहा, "बीबीसी जिसे निष्पक्षता कहती है उसके लिए लोगों की पीड़ा की अनदेखी नहीं कर सकते."

उनका कहना था, "जब हमारे पास अवसर है कि हम उनकी जान बचा सकते हैं तो हम उन्हें मरते रहने नहीं दे सकते."

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