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गज़ा में हमले तेज़ करने की चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने गज़ा में पर्चे गिराकर नागरिकों को चेतावनी दी है कि वह पूरे क्षेत्र में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ हमले तेज़ करने जा रहा है. उसने फ़लस्तीनियों से कहा है कि वे ऐसी इमारतों में न जाएँ जिसका उपयोग हमास करता रहा है. इस बीच इसराइल ने दावा किया है कि उसने शनिवार को हमास के एक कमांडर को मार दिया है जो रॉकेट लॉन्चिंग दस्ते का प्रमुख था. उधर डॉक्टरों ने कहा है कि पिछले दो हफ़्तों से जारी इसराइली हमलों में कम से कम 820 फ़लस्तीनियों की मौत हुई है जिनमें से 235 बच्चे हैं. हमले शुरु होने के बाद से 13 इसराइली मारे गए हैं जिनमें से ज़्यादातर सैनिक हैं. फ़ोन पर मिले एक संदेश में कहा गया है कि इसराइल जल्दी ही तीसरे चरण का हमला शुरु करने जा रहा है. संवाददाताओं का कहना है कि इसका मतलब यह है कि इसराइल गज़ा के भीतरी इलाक़ों और शरणार्थी शिविरों तक जाकर कार्रवाई करना चाहता है, जिसका मतलब इसराइली सैनिकों और गज़ा में फ़लस्तीनियों के लिए ज़्यादा ख़तरा. हमला जारी इसराइली सेना ने ज़मीनी हमला करने के एक सप्ताह बाद भी गज़ा पर हवाई आक्रमण जारी रखा है. शनिवार को हुए जो सबसे बड़ा हमला जबालिया रोड पर हुआ उसमें कम से कम आठ फ़लस्तीनियों की मौत हुई है. वैसे शनिवार को इसराइल ने गज़ा में कुल 70 हमले किए. संयुक्त राष्ट्र ने पिछले दिनों एक प्रस्ताव पारित करके तत्काल युद्धविराम पर ज़ोर दिया था लेकिन उस पर अमल नहीं हो रहा है. शुक्रवार की रात को गज़ा में इसराइल ने 40 हमले किए जबकि हमास ने भी इसराइल को लक्ष्य करके कई रॉकेट दाग़े. कई वरिष्ठ फ़लस्तीनी नेता मिस्र में बैठकें कर रहे हैं जिनका उद्देश्य इस युद्ध को रुकवाने के रास्ते तलाश करना है. फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने सभी पक्षों से अपील की कि वे मिस्र की मध्यस्थता वाले युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लें, उन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक से काहिरा में बातचीत के बाद ये अपील की है. महमूद अब्बास फ़तह पार्टी के नेता हैं जो पश्चिमी तट का प्रशासन चला रही है लेकिन गज़ा के इलाक़े में चुनाव जीतकर सत्ता आने वाले हमास के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण रहे हैं. हमास ने यह कहते हुए युद्धविराम प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया था कि इसके लिए उनसे विचार-विमर्श नहीं किया गया था, उन्होंने युद्धविराम के प्रस्ताव को "फ़लस्तीनियों के हितों के ख़िलाफ़" बताया था. इसराइल ने भी संयुक्त राष्ट्र के युद्धविराम के प्रस्ताव को अव्यावहारिक बताते हुए ठुकरा दिया था, उसका कहना था कि हमास जब तक रॉकेट हमले नहीं रोकता तब तक युद्धविराम नहीं हो सकता. |
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