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'फ़ुटबॉल खिलाड़ियों ने शरण माँगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया में बेघर लोगों के लिए आयोजित फ़ुटबाल विश्वकप में खेलने गए कम से कम 15 खिलाड़ियों को लेकर ये आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने वहाँ शरण माँगी है. मेलबोर्न से प्रकाशित होने वाले अख़बार 'द हेराल्ड सन' में छपी एक ख़बर के मुताबिक शरण के लिए आवेदन करने वाले खिलाड़ियों में अफ़ग़ानिस्तान और ज़िम्बाब्वे के खिलाड़ी शामिल हैं. फ़ुटबाल की इस प्रतियोगिता का आयोजन भी मेलबोर्न शहर में ही किया गया था. वीज़ा अवधि ऑस्ट्रेलिया के अप्रवास विभाग ने केवल इस बात की पुष्टि की है कि केवल 15 खिलाड़ियों ने अपनी वीज़ा अवधि बढ़ाने की माँग की है. पिछले साल डेनमार्क में आयोजित इस प्रतियोगिता के बाद से कम से कम 15 खिलाड़ी गायब हो गए थे. दुनियाभर के बेघर लोगों के लिए आयोजित होने वाले इस प्रतियोगिता का यह छठवाँ साल था. यह प्रतियोगिता हर साल आयोजित की जाती है. इसके आयोजन का उद्देश्य दुनियाभर के बेघर लोगों के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना है. ऑस्ट्रेलिया के अप्रवास और नागरिकता मंत्रालय के मुताबिक इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 56 टीमों के लिए चार सौ वीज़ा जारी किए गए थे जिनकी अवधि अब ख़त्म हो चुकी है. विभाग के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की कि 15 आवेदकों ने वीज़ा अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन किया है. प्रवक्ता ने गोपनियता नियमों के कारण यह बताने से इनकार कर दिया कि इन लोगों ने किस तरह के वीज़ा के लिए आवेदन किया है. प्रतियोगिता के आयोजकों ने शरण माँगने वाली ख़बरों की पुष्टि नहीं की है. लेकिन प्रतियोगिता के कार्यकारी निदेशक स्टेव प्रिसान ने कहा, "मेरा मानना है कि ऐसा हो सकता है." इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का पहले या वर्तमान में बेघर होना, शरण लेने का इच्छुक, नशेड़ी जिसे पुनर्वास की ज़रूरत हो या समचार पत्र विक्रेता होना ज़रूरी है. प्रतियोगिता का ख़िताब इस साल अफ़ग़ानिस्तान ने जीता है. पहली बार आयोजित की गई महिलाओं की प्रतियोगिता का ख़िताब ज़िम्बाब्वे को मिला. |
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