BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 01 दिसंबर, 2003 को 12:20 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'ईसा मसीह को भी ऑस्ट्रेलिया में शरण न मिलती'
ईसा मसीह
आर्चबिशप पीटर जेनसेन ने ईसा मसीह का उदाहरण देकर सरकार की नीतियों पर टिप्पणी की (चित्र: साभार पीटर जेनसेन वेबसाइट)

सिडनी के आर्चबिशप ने कहा है कि अगर ईसा मसीह भी इस समय ऑस्ट्रेलिया में शरण माँगते तो संभव है कि उन्हें इनकार कर दिया जाता.

आर्चबिशप पीटर जेनसेन ने शरणार्थियों के प्रति देश की नीति की कटु आलोचना करने वाली यह टिप्पणी क्रिसमस पर दिए जाने वाले भाषण से पहले एक बयान में की है.

उन्होंने कहा, "ईसा मसीह के माता-पिता के ऊपर संदेह व्यक्त करते हुए संभव है कि हमारे समाज में उन्हें भी कड़े नियमों का शिकार बना दिया जाता."

आर्चबिशप का कहना था, "शरणार्थी के तौर पर शायद ईसा मसीह के परिवार को ऑस्ट्रेलिया में घुसने की इजाज़त नहीं दी जाती."

शरणार्थियों के मामले पर विकसित देशों में से ऑस्ट्रेलिया में जॉन हॉवर्ड की सरकार की नीतियाँ ही सबसे कठोर हैं.

इन प्रावधानों के तहत शरण माँगने वाले ऑस्ट्रेलिया तक पहुँचे भी तो उनकी नावें बीच में ही रोक ली जाती हैं.

इसके बाद उन्हें वहीं से प्रशांत के द्वीपों नाउरू और पापुआ न्यू गिनी भेज दिया जाता है और वहीं उनके दावों के बारे में विचार किया जाता है.

वहीं जो लोग ऑस्ट्रेलिया पहुँच भी जाते हैं उन्हें वहाँ शरणार्थी केंद्रों पर रखा जाता है और फिर उसके बाद शरण से जुड़े उनके प्रार्थना पत्रों पर विचार किया जाता है.

अधिकतर लोगों को महीनों वहाँ गुज़ारने पड़ते हैं जबकि कुछ को हिरासत में पाँच-पाँच साल तक रहना पड़ जाता है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>