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'जलदस्युओं ने जहाज़ को रिहा किया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ख़बरें हैं कि सोमालिया में अगवा किए गए मालवाही जहाज स्टाल्ट वेलर नामक जहाज़ को समुद्री लुटेरों ने छोड़ दिया है. इस जहाज़ पर 18 भारतीय सवार हैं और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं. ग़ौरतलब है कि कुछ समुद्री लुटेरों ने इस जहाज़ का अदन की खाड़ी से अपहरण कर लिया था. स्टाल्ट वेलर नाम का ये जहाज हॉंगकॉंग की फ्लीट शिप मैनेजमेंट कंपनी का है और इस जहाज के कैप्टन ऑफ द वेसल यानी चालक दल के मुखिया कैप्टन प्रभात कुमार गोयल हैं. उनकी पत्नी सीमा गोयल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारतीय शिपिंग महानिदेशक ने उन्हें फ़ोन कर बताया कि जहाज़ रिहा कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि जहाज़ की संचार प्रणाली ख़राब कर दी गई है इसलिए उनका अपने पति से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है. रसायनों से भरे इस जहाज़ में 23 हज़ार टन तेल उत्पाद हैं और इन्हें लेकर ये मुंबई आ रहा था कि बीच में ही समुद्री लुटेरों ने इसका अपहरण कर लिया. अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनज़र भारत सरकार ने पिछले महीने ही वहाँ नौसेना की तैनाती का फ़ैसला किया था. इसके बाद भारतीय नौसेना ने एक भारतीय जहाज पर सोमालियाई समुद्री लुटेरों के हमले को विफल भी किया था. समुद्री रास्ते से होने वाले भारतीय व्यापार में अदन की खाड़ी के रास्ते की अहम भूमिका है क्योंकि अधिकतर जहाज़ इसी रास्ते से आते-जाते हैं. लेकिन पिछले कुछ समय में इस रास्ते से गुजरने वाले कई जहाज़ों को समुद्री लुटेरों ने अगवा कर लिया. |
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