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घरवालों को है कैप्टन का इंतज़ार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सोमालिया में अगवा किए गए मालवाही जहाज के कप्तान प्रभात कुमार गोयल की पत्नी ने उनकी रिहाई के लिए भारत सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की है. कुछ समुद्री लुटेरों ने इस जहाज का अदन की खाड़ी से सोमवार को अपहरण कर लिया था. ख़बर है कि अपहरणकर्ताओं ने रिहाई के बदले में कई करोड़ रुपए की माँग रखी है. स्टाल्ट वेलर नाम का ये जहाज हॉंगकॉंग की फ्लीट शिप मैनेजमेंट कंपनी का है और इस जहाज के कैप्टन ऑफ द वेसल यानी चालक दल के मुखिया देहरादून निवासी कैप्टन प्रभात कुमार गोयल हैं. रसायनों से भरे इस जहाज़ में 23 हज़ार टन तेल उत्पाद हैं और इन्हें लेकर ये मुंबई आ रहा था कि बीच में ही समुद्री लुटेरों ने इसका अपहरण कर लिया. अगवा होने की खबर के बाद से ही कैप्टन गोयल के घर में सन्नाटा छाया है. उनके परिजन आशंकित हैं और टकटकी लगाए उनकी सकुशल वापसी का इंतज़ार कर रहे हैं. फ़ोन पर हुई बात कैप्टन की पत्नी सीमा गोयल ने बताया कि अगवा किए जाने के बाद पति से दो बार फ़ोन पर बेहद संक्षेप में बात हुई है. शुक्रवार शाम को सैटेलाइट फ़ोन पर अपनी पत्नी से हुई बात में कैप्टन ने बताया, "मैं सुरक्षित हूँ और अपहरणकर्ता हमारे साथ कोई बुरा सलूक नहीं कर रहे .चिंता की बात नहीं है जल्दी ही सब ठीक हो जाएगा.”
उन्होंने माता-पिता और बच्चों की ख़ैरियत भी पूछी. उनकी पत्नी के मुताबिक ये बातचीत अपहरणकर्ताओं से छुपाकर हुई थी. कैप्टन गोयल ने बताया कि अपहरणकर्ता पहले 15 थे और अब उनके कुछ और साथी जहाज़ पर आ गए हैं .ये सभी आधुनिक हथियारों से लैस हैं और इनके पास हाईटेक उपकरण हैं. ये जहाज अब सोमालिया के ही ईल बंदरगाह पर है. कैप्टन गोयल की पत्नी ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा, “अब भारत सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और सभी भारतीयों की रिहाई सुनिश्चित करनी चाहिए.” इस जहाज में कैप्टन गोयल समेत 18 और भारतीय बताए जाते हैं जिनमें से आधे से ज़्यादा दक्षिण भारतीय हैं. कैप्टन गोयल पिछले 22 सालों से शिपिंग में हैं .उनके पिता रिटायर्ड शिक्षक रामकुमार गोयल कहते हैं कि, "ये एक कठिन पेशा है और ख़तरों से खेलेने जैसा है जहां समुद्री लुटेरों का डर बना रहता है.” लेकिन उनको भरोसा है कि कंपनी और सरकार मिलजुलकर इसका हल निकाल लेंगे. वो कहते हैं कि “मेरा बेटा ऐसे नाज़ुक मौकों पर घबरानेवालों में नहीं है और न ही वो किसी तरह के दबाव में आएगा.” उनकी दुआ है कि सब के सब जल्दी से जल्दी सकुशल वापस आ जाएं. | इससे जुड़ी ख़बरें जल दस्युओं के शहर में18 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना जलदस्युओं के क़ब्ज़े में 18 भारतीय17 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना सोमालिया में कई वर्षों से अस्थिरता15 मई, 2007 | पहला पन्ना सोमालियाई तट पर अमरीकी नौसेना तैनात04 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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