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सोमालिया में कई वर्षों से अस्थिरता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़्रीकी देश सोमालिया में वर्षों से कोई स्थाई सरकार नहीं है और अमरीका को लगता है कि अल क़ायदा जैसे संगठन इसे अपने हितों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. एक विफल राष्ट्र की परिभाषा क्या है इससे दुनिया अब तक परिचित हो चुकी है, चाहे हम पुराने युगोस्लाविया की बात करें या अफ़गानिस्तान की लेकिन विफल राष्ट्रों की परिभाषा को यदि आज कोई देश पूरी तरह से दर्शाता है तो वो है सोमालिया. एक ऐसा देश जहाँ राष्ट्र के सभी ढांचे पूरी तरह से ढह चुके हैं, बर्बाद हो चुके हैं. पिछले चौदह सालों से इस देश में कोई प्रभावी केंद्रीय सत्ता नहीं रही है. दिसंबर 2006 में अमरीकी मदद से इथियोपिया की सेना ने राजधानी मोगादीशू से वहां के इस्लामिक कोर्ट्स आंदोलन को उखाड़ फेंका लेकिन इससे हुआ क्या? सोमालिया में अराजकता का एक नया दौर शुरू हो गया, दक्षिणी सोमालिया फिर से स्थानीय क़बीलों की राजनीति में फंस गया और केंद्र में शून्य की स्थिति पैदा हो गई. इस्लामिक कोर्ट्स आंदोलन ने छह महीने तक मोगादीशू पर क़ब्ज़ा बनाए रखा था और पिछले सोलह सालों से चल रही अराजकता पर काबू भी पाया था. अलग-अलग क़बायली नेताओं ने अलग-अलग इलाकों पर क़ब्ज़ा कर रखा था. इस्लामिक कोर्ट्स ने उसे तोड़ा और राजधानी मोगादीशू को एक सूत्र में बांधने की कोशिश की. साल 2006 में ही उन्होंने वहां शरिया क़ानून भी लागू किया लेकिन इन नेताओं पर अल क़ायदा के साथ संबंध होने का आरोप भी लगा. और जब सोमालिया की तथाकथित संघीय सत्ता को मज़बूत करने के उद्देश्य से इथियोपियाई सेना ने इस्लामिक कोर्टस को उखाड़ फेंका तो अमरीका ने उसे आतंकवाद के ख़िलाफ़ जीत का नाम दिया. अमरीका और इथियोपिया दोनों ही अस्थिर सोमालिया और इस्लामिक कोर्ट्स आंदोलन की सफलता को एक बड़ा ख़तरा मानते हैं. उन्हें डर है कि ये संगठन तालेबान की तरह अल क़ायदा हिमायतियों का एक सुरक्षित अड्डा बन जाएगा. लेकिन आलोचकों का कहना है कि इस पूरे क्षेत्र पर जो अमरीकी नीति है वो भी समस्या का ही हिस्सा है. इस नीति के तहत पूरा ध्यान आतंकवाद को रोकने की ओर है, क्षेत्रीय कूटनीति और राष्ट्र निर्माण की ओर बहुत कम ध्यान दिया गया है. सोमालिया पर अपना-अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए सालों से इथियोपिया, मिस्र और अरब देश जीतोड़ प्रयास करते रहे हैं और इससे ये समस्या और जटिल हो गई है. ये समस्या एक शांतिरक्षक संस्था के रूप में अफ़्रीकी संघ की कमज़ोरियों को भी उजागर करती है लेकिन सच्चाई ये भी है कि संयुक्त राष्ट्र भी सोमालिया की समस्याओं को सुलझाने में मुश्किलों का सामना कर रहा है. ऐसा लग रहा है मानो सोमालिया संकट कई अन्य समयस्याओं से जूझ रहे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक और कठिन परीक्षा बन कर रह गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें सोमालियाई तट पर अमरीकी नौसेना तैनात04 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सोमालिया के प्रधानमंत्री मोगादिशू में29 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना मोगादिशू में सरकारी सेना घुसी28 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना सोमालिया को 'आतंकवादियों से ख़तरा'25 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना सोमालिया के राष्ट्रपति पर जानलेवा हमला18 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना सोमालिया के लिए आठ हज़ार सैनिक13 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना सोमालिया की बिगड़ती स्थिति पर चिंता18 जून, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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