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पोप ने ईसाइयों पर हमले की निंदा की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोप बेनेडिक्ट ने भारत और इराक़ में ईसाइयों की हत्या की निंदा करते हुए राजनीतिक और धार्मिक नेताओं से उनकी रक्षा के लिए आगे आने को कहा है. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में भारत के उड़ीसा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य इलाक़ों में चर्चों पर हमले की घटनाएँ सामने आई थी. ख़ास कर उड़ीसा में स्थिति ज़्यादा बिगड़ी जहाँ विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय धार्मिक नेता की हत्या के बाद ईसाइयों पर व्यापक हमले हुए थे जिनमें तीस से ज़्यादा लोग मारे गए. पोप ने सेंट पीटर्स स्क्वायर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "हम अच्छी भावना रखने वाले धार्मिक नेताओं और सभी पुरुषों और महिलाओं से कुछ एशियाई देशों में हो रही दुखद घटनाओं के बारे में अपील करते हैं जहाँ ईसाई समुदाय क्रूर हिंसा का शिकार हो रहे हैं, मारे जा रहे हैं, धमकाए जा रहे हैं और अपने घरों को छोड़ शरण के लिए मारे-मारे फिरने पर मज़बूर हो रहे हैं." उनका कहना था, "मैं सबसे ज़्यादा इराक़ और भारत के बारे में सोच रहा हूँ. मुझे विश्वास है कि इन देशों के लोग सदियों से एक साथ रहते-रहते विकास में इस अल्पसंख्यक समुदाय के योगदान को समझते होंगे." पोप ने कहा कि ईसाई समुदाय किसी विशेषाधिकार की माँग नहीं कर रहा है बल्कि उन देशों में अपने साथी नागरिकों के साथ सिर्फ़ एक साथ रहने की इच्छा रखता है. उन्होंने नेताओं से ईमानदार और निष्ठावान नागरिकों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने की अपील की. | इससे जुड़ी ख़बरें चर्च में दुराचार के लिए पोप ने माँगी माफ़ी19 जुलाई, 2008 | पहला पन्ना उपभोक्तावादी संस्कृति के ख़िलाफ़ बोले पोप17 जुलाई, 2008 | पहला पन्ना पोप यौन शोषण के लिए माफ़ी माँगेंगे13 जुलाई, 2008 | पहला पन्ना पोप ने शांति और सदभाव की अपील की 21 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना 'यौनशोषण विवाद से प्रतिष्ठा घटी'19 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना मानवाधिकार हनन पर कार्रवाई हो:पोप19 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना पोप ने बाल यौन शोषण पर चिंता जताई17 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना ईस्टर के मौके पर शांति का संदेश23 मार्च, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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