|
ईस्टर के मौके पर शांति का संदेश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोप बेनेडिक्ट ने अपने ईस्टर संदेश में तिब्बत, इराक़ और अफ़्रीका में समस्याओं का अंत करने का आह्ववान किया है. बारिश के बावजूद रोम के सेंट पीटर स्कवेयर में पोप बेनेडिक्ट का संदेश सुनने के लिए हज़ारों श्रद्वालु इकट्ठा हुए. संदेश में पोप ने कहा, "हम अफ़्रीका के उन इलाक़ों को कैसे भूल सकते हैं- दारफ़ुर, सोमालिया..साथ ही मध्य पूर्व और तिब्बत को भी- मैं आह्वान करता हूँ कि इन समस्याओं का ऐसा हल निकाला जाए जिससे शांति बनी रहे और सबका भला हो." पोप बेनेडिक्ट ने कहा कि इस पावन दिन के मौके पर निकलने वाली रोशनी दुनिया के हर कोने तक पहुँचे. उन्होंने 63 भाषाओं में ईस्टर की शुभकामनाएँ दीं. दुनिया भर में ईसाई रविवार को ईस्टर मना रहे हैं. मुस्लिम जगत से बेहतर संबंध पोप ने बाद में मगदी अल्लाम नाम के एक पत्रकार को दीक्षा दी, ये पत्रकार काफ़ी विवादित रहा है. मगदी अल्लाम पहले मुस्लिम थे. वे मुस्लिम कट्टरवाद के ख़िलाफ़ बोलते रहे हैं और इसराइल के समर्थक हैं. उनका कहना है कि इसके चलते उनकी जान को ख़तरा है. दीक्षा के इस कार्यक्रम को विजिल मास से ठीक पहले तक वेटिकन ने गुप्त रखा था. पोप पारंपरिक तौर पर एक जनवरी को पैदा हुए बच्चों और बड़े होकर कैथलिक बने लोगों को ईस्टर की पूर्व संध्या पर दीक्षा देते हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस समय वेटिकन की बड़ी प्राथमिकता है कि मुस्लिम जगत के साथ बेहतर संबंध बनाए जाएँ. संवाददाता के अनुसार पोप इस साल वेटिकन में दुनिया भर से आए धार्मिक मुस्लिम नेताओं के साथ एक बैठक भी करने वाले हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मुस्लिम नेताओं को पोप का निमंत्रण30 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना वेटिकन में पोप से मिले शाह अब्दुल्ला06 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ से कुछ भी सकारात्मक नहीं मिला'08 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना पोप तुर्की यात्रा के दौरान मस्जिद में गए30 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||