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'जॉर्जिया के बड़े हिस्से पर रूस का कब्ज़ा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखेल साकाशविली ने कहा है कि उनके देश के एक बड़े हिस्से पर अब रूस की सेना का नियंत्रण हो गया है. उन्होंने रूस की ओर से लगातार किए जा रहे हमलों को एक बर्बरतापूर्ण कृत्य करार देते हुए कहा कि इससे जॉर्जिया की आज़ादी संकट में आ गई है. पिछले लगभग एक सप्ताह से रूस और जॉर्जिया के बीच दक्षिणी ओसेतिया की स्थिति को लेकर युद्ध चल रहा है. ये पूरा विवाद पिछले हफ़्ते तब शुरु हुआ जब जॉर्जिया ने दक्षिण ओसेतिया पर हमला कर दिया. 1992 में युद्ध ख़त्म होने के बाद से दक्षिण ओसेतिया ने अपने आप को आज़ाद घोषित कर दिया था. रूस दक्षिण ओसेतिया का समर्थन करता है और हमले के बाद रुस ने भी जबावी कार्रवाई की. ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक जॉर्जिया के तमाम प्रमुख रास्तों, सड़कों और पुलों पर अब रूस की सेना का नियंत्रण है. राजधानी तिब्लिसी पर अभी तक रूसी सेना का नियंत्रण नहीं है पर रास्तों और पुलों के बंद होने से राजधानी एकदम अलग-थलग हो गई है. उधर जॉर्जिया की सेना ने राजधानी की ओर कूच करना शुरू कर दिया है क्योंकि उन्हें ख़तरा है कि रूस की सेना अब राजधानी पर नियंत्रण पाने के लिए वहाँ हमले कर सकती है. इन बिगड़ी स्थितियों को भांपते हुए लोग ज़रूरत की चीज़ें जुटाने में लग गए हैं. पैट्रोल पंपों और सुपर बाज़ारों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. कूटनीतिक प्रयास जारी
उधर फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सार्कोज़ी रूस के राष्ट्रपति मेदवेदेव से मुलाक़ात करने के लिए मंगलवार को मास्को पहुँचने वाले हैं. जॉर्जिया की ताज़ा स्थिति पर रूसी राष्ट्रपति से बातचीत करने के बाद सार्कोज़ी जॉर्जिया जाएंगे और राष्ट्रपति से मुलाक़ात करेंगे. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर से जॉर्जिया पर रूसी सेना की कार्यवाही की आलोचना की है. बुश के अनुसार ऐसा लग रहा है कि रूस जॉर्जिया की लोकतांत्रिक सरकार को हटाने की कोशिश में लगा हुआ है. अमरीकी राष्ट्रपति ने इसपर चिंता व्यक्त करते हुए रूस से कहा है कि उसे जॉर्जिया की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करना चाहिए. संघर्षविराम की कोशिशें
मिखेल साकाशविली ने इससे पहले कहा कि उन्होंने संघर्षविराम योजना पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. ये प्रस्ताव यूरोपीय संघ लेकर आया था. जॉर्जिया के राष्ट्रपति ने फ़्रांसीसी और फ़िनलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ इस पर हस्ताक्षर किए. ये दोनों मंत्री विवाद को ख़त्म करवाने की कोशिशों के तहत तिब्लिसी मे हैं. मिखेल साकाशविली ने बताया कि दोनों विदेश मंत्री अब मॉस्को जाएँगे जहाँ वो रूस को संघर्षविराम पर राज़ी करवाने की कोशिश करेंगे. पर रूस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जॉर्जिया के हस्ताक्षर वाले यूरोपीय संघ के संघर्षविराम प्रस्ताव को भी ख़ारिज कर दिया है. वहीं रूस के राष्ट्रपति मेदवदेव ने कहा है कि दक्षिण ओसेतिया की राजधानी पर कब्ज़े के बाद रूसी सैन्य अभियान लभगभ पूरा हो गया है. उन्होंने जॉर्जिया पर नरसंहार का आरोप लगाया है और कहा है कि दोषी लोगों के ख़िलाफ़ रूस आपराधिक मुकदमा शुरू करेगा. |
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