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बुधवार, 09 जुलाई, 2008 को 06:21 GMT तक के समाचार
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ईरान ने किया मिसाइल का परीक्षण
शहाब-3
ईरान ने कुल नौ मिसाइल परीक्षण किए हैं जिसमें से शहाब-3 भी एक है
अमरीका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने लंबी दूरी तक मार करने वाले मिसाइल शहाब-3 का परीक्षण किया है.

ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा है कि इस मिसाइल की क्षमता इसराइल तक मार करने की है.

माना जा रहा है कि यह मिसाइल परीक्षण हाल ही में इसराइल के सैन्य अभ्यास के जवाब में ईरान का जवाब है.

इस सैन्य परीक्षण के बारे में कहा जा रहा था कि यह ईरान के परमाणु ठिकाने पर हमला करने की तैयारी है.

ईरान के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता आयतुल्ला ख़ामनेई के एक सहयोगी ने कहा है कि अगर परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान पर हमला हुआ तो उनका देश इसराइल और अमरीकी नौसेना पर खाड़ी में हमला करेगा.

इसके बाद अमरीका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी आपत्तियों की कड़ी में ताज़ा दबाव बनाते हुए ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की है.

परीक्षण

ईरान ने कुल नौ मिसाइलों का परीक्षण किया है और शहाब-3 उनमें से एक है.

ईरानी टेलीविज़न के अनुसार यह मिसाइल की क्षमता दो हज़ार किलोमीटर तक मार करने की है.

प्रोफ़ेट-3 सैन्य अभ्यास के तहत किए गए इस परीक्षण में दो अन्य तरह के मिसाइलों का परीक्षण किया गया है.

ईरान की सेना रिवोल्युशनरी गार्ड्स के वायुसेना के प्रमुख हुसैन सलामी ने इन परीक्षणों के बाद कहा, "हम ईरान राष्ट्र की सुरक्षा के लिए तैयार हैं."

सेना का कहना है कि कि ये मिसाइल कभी भी किसी भी जगह से दागे जाने के लिए तैयार हैं.

विवाद

दरअसल, पिछले कुछ बरसों से ईरान का परमाणु कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा औऱ बहस का मुद्दा बना हुआ है.

अमरीका का कहना है कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से रोक देना चाहिए और किसी भी तरह के परमाणु परीक्षण से बाज आना चाहिए.

परमाणु संयंत्र
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कुछ देश संदेह की नज़र से देखते हैं

पर ईरान इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है. ईरान का कहना है कि परमाणु परीक्षण करना उसका अधिकार है और इस मुद्दे पर किसी के दबाव में आने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है.

ईरान बार बार यह दोहराता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम मानव उपयोगी गतिविधियों और सकारात्मक दिशा में चल रहा है. परमाणु हथियार बनाने की कोई कोशिश नहीं हो रही है.

पर विवाद यहाँ शुरू होता है जब पश्चिमी देश ईरान के इस तर्क को मानने से या तो इनकार कर देते हैं या इसके प्रति अपना अविश्वास व्यक्त करते हैं.

जून में यूरोपीय संघ ने ईरान पर नए सिरे से प्रतिबंध लगाए थे. लेकिन यूरेनियम संवर्धन रोकने के एवज़ में ईरान के सामने नए प्रस्ताव भी रखे गए हैं.

ईरान का तर्क है कि वो बड़े देशों से बातचीत करने के लिए तैयार है लेकिन बातचीत में ईरान के अधिकारों पर भी बात हो.

कुछ दिनों से इस तरह की ख़बरें आ रही हैं कि अमरीका या इसराइल ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमला कर सकते हैं.

पिछले हफ़्ते एक वरिष्ठ अमरीकी सैन्य अधिकारी ने कहा था कि इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान के बाद मध्य पूर्व में नया मोर्चा खोलना अमरीकी सेना के लिए तनावपूर्ण होगा.

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