|
ईरान ने दी अमरीका-इसराइल को चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता आयतुल्ला ख़मेनेई के एक सहयोगी ने कहा है कि अगर परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान पर हमला हुआ तो उनका देश इसराइल और अमरीकी नौसेना पर खाड़ी में हमला करेगा. अली शिराज़ी ने कहा है, "ईरान पर अमरीका ने एक भी हमला किया तो दुनिया भर में अमरीका के ठिकाने निशाने पर होंगे. फ़ारस की खाड़ी में इसराइली और अमरीकी फ़्लीट पर हमला होगा." ईरान बार-बार इन आरोपों का खंडन करता रहा है कि वो परमाणु हथियार बनाना चाहता है. वो यूरेनियम संवर्धन का काम रोकने से इनकार कर चुका है. जून में यूरोपीय संघ ने ईरान पर नए सिरे से प्रतिबंध लगाए थे. लेकिन यूरेनियम संवर्धन रोकने के एवज़ में ईरान के सामने नए प्रस्ताव भी रखे गए हैं. ईरान का तर्क है कि वो बड़े देशों से बातचीत करने के लिए तैयार है लेकिन बातचीत में ईरान के अधिकारों पर भी बात हो. अली शिराज़ी ईरान के रेवुलुशनरी गार्डस में आयतुल्ला ख़मेनेई के प्रतिनिधि हैं. कुछ दिनों से इस तरह की ख़बरें आ रही हैं कि अमरीका या इसराइल ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमला कर सकते हैं. ईरानी समाचार एजेंसियों के मुताबिक अल शिराज़ी ने कहा है, "ईरान दादागारी स्वीकार नहीं करेगा. एक राष्ट्र के नाते ईरान जेहाद और शहादत में विश्वास रखता है. दुनिया की कोई सेना उसका सामना नहीं कर सकती." पिछले हफ़्ते एक वरिष्ठ अमरीकी सैन्य अधिकारी ने कहा था कि इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान के बाद मध्य पूर्व में नया मोर्चा खोलना अमरीकी सेना के लिए तनावपूर्ण होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान का रुख़ निराशाजनक: बुश14 जून, 2008 | पहला पन्ना ईरान को और प्रतिबंधों की चेतावनी10 जून, 2008 | पहला पन्ना 'परमाणु कार्यक्रम पर जानकारी दे ईरान'27 मई, 2008 | पहला पन्ना ईरान के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंधों को मंज़ूरी03 मार्च, 2008 | पहला पन्ना ईरानी अंतरिक्ष केंद्र का उदघाटन04 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||