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सीरियाई जेल में हिंसा, कई मरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सीरिया में दमिश्क के नज़दीक एक जेल के क़ैदियों का कहना है कि उनकी सुरक्षाकर्मियों से हिंसक झड़पें हुई हैं जिसमें कई लोगों की जानें गई हैं. सीरिया के एक मानवाधकार संगठन का कहना है कि कम से कम 25 लोग मारे गए हैं. कुछ लोगों का कहना है कि मरने वालों की संख्या अधिक भी हो सकती है लेकिन इनकी पुष्टि करना संभव नहीं है. इस घटना के बारे में सीरियाई सरकार की ओर से अब तक कोई अधिकृत बयान नहीं आया है. इस्लामी क़ैदी जिस जेल में उपद्रव शुरू हुआ, वह दमिश्क के पास सेदनाया में स्थित है. ये सीरिया की सबसे बड़ी जेलों में से है. माना जाता है कि इस जेल में बड़ी संख्या में इस्लामी राजनीतिक क़ैदियों को रखा गया है. क़ैदियों का कहना है कि शनिवार को उपद्रव तब शुरु हुआ, जब जेल के सुरक्षाकर्मियों ने उनकी कोठरियों पर छापे मारे. उनका कहना है कि उन पर सुनियोजित तरीक़े से हमला किया गया. क़ैदियों का कहना है कि उन्हें बहुत ही ख़राब हालत में रखा जा रहा है, और इसके विरोध में कुछ हफ़्ते पूर्व क़ैदियों ने अपना विरोध भी जताया था. क़ैदियों का आरोप है कि उसी विरोध प्रदर्शन से चिढ़े सुरक्षाकर्मियों ने अब ये कार्रवाई की है. एक क़ैदी ने बताया कि जिस कोठरी में वह 12 अन्य क़ैदियों के साथ रह रहा था, वहाँ क़रीब 200 सुरक्षाकर्मी एक साथ आ धमके. उसके बाद वहाँ क्या हुआ, इसका विवरण इस क़ैदी ने कुछ इस प्रकार दिया- "उन्होंने हमारे हाथ पीठ की ओर बाँध दिए. हमारे कपड़े और सामान ज़ब्त कर लिए गए. गार्डों ने हमें पीटा. उन्होंने क़ुरान का अपमान किया, जैसा कि अबू ग़रैब और ग्वांतानामो बे में किया गया था." क़ैदियों और कई मानवाधिकार संगठनों का भी यही कहना है कि सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई के बाद ही जेल में उपद्रव शुरू हुआ. संघर्ष में कई क़ैदियों के मारे जाने की ख़बर है. हालाँकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. उपद्रव के दौरान जेल परिसर के एक हिस्से पर क़ैदियों ने क़ब्ज़ा कर लिया. अनेक क़ैदियों के भाग निकलने की भी ख़बरें हैं. मानवाधिकार संगठनों ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद से तत्काल हस्तक्षेप कर जेल में हिंसा पर रोक लगाने की माँग की है. लेकिन अभी तक अधिकारियों की तरफ़ से कोई बयान सामने नहीं आया है. ये भी पता नहीं चल पाया है कि क्या बातचीत के ज़रिए क़ैदियों को मनाने की कोई कोशिश की जा रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत की जेलों में हज़ारों की मौत'26 जून, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान ने सैकड़ों क़ैदियों को छुड़ाया13 जून, 2008 | भारत और पड़ोस इसराइल-सीरिया में वार्ता की पुष्टि21 मई, 2008 | पहला पन्ना 'सीरिया का गोपनीय परमाणु कार्यक्रम'24 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना धमाके में 'हिज़्बुल्लाह नेता की मौत'13 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना बुश ने माना, सीआईए की गुप्त जेलें हैं06 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ब्राज़ील:हमलों के बाद जेलों में विद्रोह14 मई, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी क़ैदियों से दुर्व्यवहार पर जेल26 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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