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अमरीकी सेना के बजट को मंज़ूरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सीनेट ने इराक और अफ़ग़ानिस्तान में चल रही सैन्य कार्रवाई के लिए 162 करोड़ डालर के अतिरिक्त धन वाले बिल को मंज़ूरी दे दी है. बिल में इराक से वापस लौटने वाले सैनिकों की आगे की पढ़ाई और बेरोजगारी को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया गया है. बिल के पास होने को अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश की जीत माना जा रहा है, क्योंकि इसमें इराक से अमरीकी सेना को वापस बुलाने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है जिसका जार्ज बुश कड़ा विरोध कर रहे हैं. इस बजट की मंज़ूरी के बाद इराक और अफ़ग़ानिस्तान के लिए मंज़ूर कुल बजट बढ़कर 800 करोड़ डॉलर से अधिक हो गया है. जार्ज बुश की जीत बिल में अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन को इराक और अफ़ग़ानिस्तान में 2009 के मध्य तक सैन्य अभियान चलाने की अनुमति दी गई है. सीनेट की ओर से पास बजट में युद्ध क्षेत्र से वापस आने वाले सैनिकों की पढ़ाई और अमरीका के बेरोजगारों ओर मध्य पश्चिम में आई बाढ़ के पीड़ितों की सहातया राशि में महत्वपूर्ण बढ़ोत्तरी की गई है. सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सदस्यों ने इराक से अमरीकी सैनिकों की वापसी की कोई समय सीमा न तय किए जाने के कारण बिल की आलोचना भी की. बिल के साथ अमरीकी संसद ने दो शर्तें भी जोड़ दी हैं, पहली यह कि अमरीकी सेना इराक में कोई स्थाई ठिकाना नहीं बनाएगी और दूसरी यह कि इराक में पुनर्निमाण के लिए जितनी मदद अमरीका देता है उतना ही इराक को भी देना पड़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ः अमरीकी सैनिकों की तादाद में कटौती10 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना इराक़ मामले पर विपक्ष ने बुश को घेरा11 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना इराक में ऑस्ट्रेलियाई सेना की कार्यवाइयाँ बंद02 जून, 2008 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान जाएँगे और ब्रितानी सैनिक16 जून, 2008 | पहला पन्ना चार अमरीकियों सहित दस लोग मारे गए24 जून, 2008 | पहला पन्ना फ़ोन टैपिंग के मुद्दे पर बिल पारित20 जून, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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