BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 10 अप्रैल, 2008 को 22:06 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
इराक़ः अमरीकी सैनिकों की तादाद में कटौती
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश इराक़ में अमरीकी सैनिकों के काम से खुश हैं
अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि इराक़ में मिली कामयाबी को ध्यान में रखते हुए अमरीका वहां अपनी फ़ौज में 31 जुलाई तक 25 प्रतिशत की कटौती कर देगा.

यानी वो सारे सैनिक जो पिछले साल एक नई नीति के तहत इराक़ भेजे गए थे, 31 जुलाई तक वापस लौट सकेंगे.

राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि वो इराक में अमरीकी फ़ौज के कमांडर जनरल डेविड पेट्रयस और राजदूत रायन क्रॉकर की सलाह को मानते हुए ये ऐलान कर रहे हैं.

जनरल पेट्रयस ने इस कटौती के बाद 45 दिनों का और समय मांगा है, इस बात का आकलन करने के लिए कि वहां के हालात फौज में और कटौती की इजाज़त देते हैं या नहीं.

राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि इसके लिए जनलर पेट्रयस को जितना भी वक्त चाहिए वो देने के लिए तैयार हैं.

बुश ने ये भी ऐलान किया है कि आगामी एक अगस्त से जो भी अमरीकी सैनिक इराक़ में तैनात किया जाएगा उसकी तैनाती की अवधि पंद्रह महीने से घटाकर बारह महीने की जा रही है और वो सैनिक एक साल के लिए अमरीका में ही रहेंगे.

उन्होंने अमरीकी फ़ौज की तारीफ़ करते हुए कहा कि उनकी बदौलत वहां कामयाबी मिली है और अल क़ायदा की कमर टूट गई है.

बुश हैं खुश

राष्ट्रपति बुश ने कहा कि आर्थिक और राजनीतिक पहलूओं में भी ख़ासी कामयाबी मिली है.

अमरीकी सैनिक
इराक़ में अभियान के दौरान अबतक 4000 अमरीकी सैनिक मारे जा चुके हैं

उन्होंने कहा कि इराक़ी सरकार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है और वो समय ज़्यादा दूर नहीं है जब वो युद्ध का पूरा खर्च और इराक़ के पुनरनिर्माण का पूरा खर्च स्वयं वहन करने की स्थिति में आ जाएंगे.

बुश ने मध्यपूर्व के देशों से एक बार फिर से अपील करते हुए कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि एक कामयाब और स्थाई इराक़ उनके अपने फ़ायदे में है.

साथ ही उन्होंने ईरान को भी चेतावनी दी कि अगर वो शांतिपूर्ण तरीके से इराक़ का साथ दे तो अमरीका उसमें मदद करेगा लेकिन अगर उसने ऐसा नहीं किया तो अमरीका अपने हितों की रक्षा करना जानता है.

राष्ट्रपति बुश का ये संदेश ऐसे समय में आया है जब अमरीका में चुनावी सरगर्मी काफ़ी तेज़ है और यहां के विश्लेषक मानते हैं कि इराक़ में फ़ौज में बढ़ोतरी के बुश के फ़ैसले को अगर कामयाबी मिलती है तो इसका फ़ैसला रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन मैकेन को मिल सकता है.

डेमोक्रेट बराक ओबामा और हिलैरी क्लिंटन, दोनों ने ही इराक़ से फौज की जल्द से जल्द वापसी को अपना चुनावी मुद्दा बनाया है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इराक़: कुल 4000 अमरीकी सैनिक मरे
24 मार्च, 2008 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>