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इराक़ः अमरीकी सैनिकों की तादाद में कटौती | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि इराक़ में मिली कामयाबी को ध्यान में रखते हुए अमरीका वहां अपनी फ़ौज में 31 जुलाई तक 25 प्रतिशत की कटौती कर देगा. यानी वो सारे सैनिक जो पिछले साल एक नई नीति के तहत इराक़ भेजे गए थे, 31 जुलाई तक वापस लौट सकेंगे. राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि वो इराक में अमरीकी फ़ौज के कमांडर जनरल डेविड पेट्रयस और राजदूत रायन क्रॉकर की सलाह को मानते हुए ये ऐलान कर रहे हैं. जनरल पेट्रयस ने इस कटौती के बाद 45 दिनों का और समय मांगा है, इस बात का आकलन करने के लिए कि वहां के हालात फौज में और कटौती की इजाज़त देते हैं या नहीं. राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि इसके लिए जनलर पेट्रयस को जितना भी वक्त चाहिए वो देने के लिए तैयार हैं. बुश ने ये भी ऐलान किया है कि आगामी एक अगस्त से जो भी अमरीकी सैनिक इराक़ में तैनात किया जाएगा उसकी तैनाती की अवधि पंद्रह महीने से घटाकर बारह महीने की जा रही है और वो सैनिक एक साल के लिए अमरीका में ही रहेंगे. उन्होंने अमरीकी फ़ौज की तारीफ़ करते हुए कहा कि उनकी बदौलत वहां कामयाबी मिली है और अल क़ायदा की कमर टूट गई है. बुश हैं खुश राष्ट्रपति बुश ने कहा कि आर्थिक और राजनीतिक पहलूओं में भी ख़ासी कामयाबी मिली है.
उन्होंने कहा कि इराक़ी सरकार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है और वो समय ज़्यादा दूर नहीं है जब वो युद्ध का पूरा खर्च और इराक़ के पुनरनिर्माण का पूरा खर्च स्वयं वहन करने की स्थिति में आ जाएंगे. बुश ने मध्यपूर्व के देशों से एक बार फिर से अपील करते हुए कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि एक कामयाब और स्थाई इराक़ उनके अपने फ़ायदे में है. साथ ही उन्होंने ईरान को भी चेतावनी दी कि अगर वो शांतिपूर्ण तरीके से इराक़ का साथ दे तो अमरीका उसमें मदद करेगा लेकिन अगर उसने ऐसा नहीं किया तो अमरीका अपने हितों की रक्षा करना जानता है. राष्ट्रपति बुश का ये संदेश ऐसे समय में आया है जब अमरीका में चुनावी सरगर्मी काफ़ी तेज़ है और यहां के विश्लेषक मानते हैं कि इराक़ में फ़ौज में बढ़ोतरी के बुश के फ़ैसले को अगर कामयाबी मिलती है तो इसका फ़ैसला रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन मैकेन को मिल सकता है. डेमोक्रेट बराक ओबामा और हिलैरी क्लिंटन, दोनों ने ही इराक़ से फौज की जल्द से जल्द वापसी को अपना चुनावी मुद्दा बनाया है. | इससे जुड़ी ख़बरें ओबामा-हिलेरी सेना हटाने के पक्ष में09 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना 'इराक़ से सैनिकों की वापसी रोकी जाए'08 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना इराक़: कुल 4000 अमरीकी सैनिक मरे24 मार्च, 2008 | पहला पन्ना 'ग्रीन ज़ोन पर हमले में ईरान का हाथ'24 मार्च, 2008 | पहला पन्ना 'अरब नागरिक अल क़ायदा के ख़िलाफ़'19 मार्च, 2008 | पहला पन्ना इराक़ में जर्जर नागरिक सुविधाएँ17 मार्च, 2008 | पहला पन्ना मध्यपूर्व में अमरीकी कमांडर का इस्तीफ़ा12 मार्च, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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