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'ईरान पर हमले के लिए इस्तेमाल नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने तेहरान में कहा है कि उनका देश ये अनुमति नहीं देगा कि इराक़ को ईरान पर हमले करने के लिए इस्तेमाल किया जाए. नूरी अल मलिकी ईरान की यात्रा पर हैं और उन्होंने ये बात ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात में कही. इराक़ में अमरीका की भूमिका का मुद्दा इस दौरे के एजेंडे में प्रमुख है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि वर्ष 2008 में संयुक्त राष्ट्र से मिली अनुमति के समाप्त होने के बाद इराक़ में अमरीकी उपस्थिति को लेकर इराक़ और अमरीका में बातचीत चल रही है. कोशिश चल रही है कि इराक़-अमरीका वार्ता में जुलाई तक समझौता हो जाए लेकिन इराक़ की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों को लेकर बातचीत अटकी हुई है. माना जा रहा ही कि इराक़ी प्रधानमंत्री इराक़ में कथित तौर पर शिया चरमपंथियों को ईरान के समर्थन का मसला भी उठाएँगे. मार्च और मई के बीच शिया मिलिशिया ने अमरीकी और इराक़ी सेना के साथ कई बार संघर्ष किया है. जून 2005 में कार्यभार संभालने के बाद ये इराक़ी प्रधानमंत्री की तीसरी ईरान यात्रा है. बीबीसी संवादादता जिम मूइर का कहना है कि सरकारी सूत्रों के मुताबिक इराक़ी सुरक्षा अधिकारी ईरान को इस बात के सुबूत दिखाएँगे कि कैसे ईरान कथित तौर पर मिलिशिया को समर्थन देता है. ईरान ने हमेशा इस बात से इनकार किया है लेकिन अधिकारियों के मुताबिक नूरी अल मलिकी एक बार फिर आग्रह करेंगे कि ईरान इराक़ सरकार का समर्थन करे और मिलिशिया को गुप्त सहायता देना बंद करे. | इससे जुड़ी ख़बरें चरमपंथ पर ईरान को घेरेगा इराक़07 जून, 2008 | पहला पन्ना 'परमाणु कार्यक्रम पर जानकारी दे ईरान'27 मई, 2008 | पहला पन्ना भारत ने अमरीका की सलाह ठुकराई22 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना ईरान में बम विस्फोट, आठ की मौत12 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना 'इराक़ से सैनिकों की वापसी रोकी जाए'08 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना ईरान चुनावों में रूढ़िवादियों की जीत16 मार्च, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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