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तिब्बत पर वार्ता बिना समझौते के ख़त्म | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि चीनी अधिकारियों और निर्वासित तिब्बती धार्मिक नेता दलाई लामा के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत बिना किसी समझौते के ख़त्म हो गई है. तिब्बत के राजनीतिक संकट के हल के लिए दलाई लामा के प्रतिनिधियों और चीन के अधिकारियों के बीच बातचीत हो रही थी. चीन के सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़ दोनों पक्ष आगे की बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं. हालाँकि अभी तक बातचीत की कोई तारीख़ तय नहीं हुई है. मार्च में तिब्बत में चीन विरोधी प्रदर्शन हुए थे. उसके बाद दलाई लामा के प्रतिनिधियों और चीनी अधिकारियों के बीच पहली बार बात हुई है. आरोप-प्रत्यारोप चीन की सरकार तिब्बत की स्थिति के लिए दलाई लामा को ज़िम्मेदार बताती है लेकिन दलाई लामा अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हैं. उनका आरोप है कि चीन वहाँ मानवाधिकार का उल्लंघन करता है. हालाँकि इस बातचीत से पहले चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने उम्मीद जताई थी की कि इससे सकारात्मक परिणाम निकलेंगे. लेकिन दलाई लामा की ओर से पहले ही बातचीत की सफलता पर संदेह व्यक्त किया जा रहा था. दोनो पक्ष वर्ष 2002 से कई बार मुलाकात कर चुके हैं लेकिन इन वार्ताओं का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है. |
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