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'मानवाधिकार और तिब्बत का मुद्दा अलग' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने कहा है कि तिब्बत मसले का मानवाधिकार के मुद्दे से कुछ लेना-देना नहीं है और यह चीन की राष्ट्रीय एकता से जुड़ा मुद्दा है. चीन के सरकारी मीडिया ने जिंताओ के हवाले से कहा है कि तिब्बत का मसला नस्लीय, धार्मिक या मानवाधिकारों का नहीं है, बल्कि यह चीन की राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना का मुद्दा है. चीन के अधिकारियों का आरोप है कि तिब्बतियों के धार्मिक गुरु दलाई लामा ने तिब्बत में हिंसा भड़काई है. चीन का आरोप चीनी अधिकारियों का कहना है कि दलाई लामा ने ये सब अगस्त में बीजिंग में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने जा रहे चीन को बदनाम करने के लिए किया है. दलाई लामा ने कुछ माह पूर्व अपनी अमरीकी यात्रा के दौरान कहा था कि चीन में मानवाधिकारों की स्थिति बेहद ख़राब है, लेकिन उन्होंने दोहराया था कि वह नहीं चाहेंगे कि चीन को दंडित करने के लिए ओलंपिक खेलों का बहिष्कार किया जाए. शुक्रवार को ओलंपिक मशाल अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स पहुँची. हालाँकि यहां निर्वासित तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने मशाल की राह में ज़्यादा बाधा नहीं पहुँचाई. इससे पहले तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने लंदन, पेरिस और सेन फ़्रांसिस्को में मशाल यात्रा का ज़ोरदार विरोध किया था. प्रदर्शनकारी पिछले दिनों तिब्बत में चीन विरोधी प्रदर्शन के दौरान बौद्ध भिक्षुओं और तिब्बतियों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और तिब्बत की स्वायत्तता की माँग कर रहे हैं. तिब्बत की आज़ादी माँग रहे ये लोग मशाल को तिब्बत से ले जाने का भी विरोध कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह से चीन यह साबित करना चाहता है कि तिब्बत उसका हिस्सा है. इस बीच, भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अगले सप्ताह यहाँ होने वाली मशाल यात्रा के दौरान तिब्बती शरणार्थियों के विरोध प्रदर्शनों पर रोक नहीं लगाएगी. मशाल यात्रा पर चीन की चिंता के जवाब में भारत ने कहा कि लोकतांत्रिक देश होने के नाते उसका अभिव्यक्ति की आज़ादी में यकीन है और वह 17 अप्रैल को प्रस्तावित मशाल यात्रा के दौरान भी तिब्बती शरणार्थियों पर किसी तरह की रोक नहीं लगाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'राजनीति से अलग रहे खेल की मशाल'10 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस कांग्रेस से समझौते की पहल नहीं: मुलायम03 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस एमनेस्टी ने चीन की कड़ी आलोचना की02 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस दलाई लामा को आगाह किया भारत ने01 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस तिब्बत पर चीन ने भारत से सहयोग माँगा30 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई थी'20 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा20 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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