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काबे की चाबी की क़ीमत 72 करोड़ रूपए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्या पवित्र ऐतिहासिक चीज़ों की कोई क़ीमत हो सकती है... शायद नहीं. पर सोचिए कि अगर क़ीमत लग भी जाए तो कितनी होगी. या चलिए, हम इस सवाल को और आसान कर देते हैं. तो अब बताइए कि 37 सेंटीमीटर के एक लोहे की चाबी की क्या क़ीमत हो सकती है. आपके सोचने की गुंजाइश से कहीं आगे है हाल की एक नीलामी में बिकी पवित्र इस्लामिक स्थल काबा की चाबी. मक्का में स्थित काबा की 12वीं सदी की चाबी पिछले दिनों लंदन के एक नीलामीघर ने नीलाम की. ...और बोली, बोली लगी 18.1 मिलियन डॉलर की यानी जनाब भारतीय रूपए के हिसाब से कोई 72 करोड़ से भी ज़्यादा का दाम. नीलामीघर के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी इस्लामिक कलाकृति की नीलामी का यह सबसे ऊंचा दाम था. इस 37 सेंटीमीटर की चाबी पर लिखा है, 'ईश्वर के पवित्र घर के लिए इसे बनाया गया.' नीलामीघर के अधिकारियों ने बताया कि उनके यहाँ रखे गए इस्लामिक कलाकृतियों के संग्रह में सबसे ज़्यादा आकर्षण का केंद्र यह चाबी रही है. इस चाबी के लिए एक करोड़, 80 लाख डॉलर की रक़म को भी अगर जोड़े तो नीलामी में कुल चार करोड़ डॉलर की इस्लामिक कलाकृतियाँ बिकीं. दरअसल, यही वो चाबी है जो किसी निजी हाथ में रही है और अब नीलाम हुई है. वरना काबा की अन्य 58 चाबियाँ तो संग्रहालयों में रखी हैं और किसी की निजी संपत्ति या संग्रह में शामिल नहीं हैं. |
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