|
शरण माँग रहा है ईरान का समलैंगिक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के एक समलैंगिक व्यक्ति को अब उसकी मौत दरवाज़े पर दस्तक देती मालूम दे रही है. वजह है ईरान में समलैंगिक संबंधों का ग़ैरक़ानूनी होना और इसके लिए मौत जैसी कड़ी सज़ा दी जाती है. ईरान मूल के मेहदी काज़मी का कहना है कि उनके पुरुष मित्र को ईरान की सरकार वर्ष 2006 में समलैंगिक संबंध बनाने के अपराध में मौत की सज़ा दे चुकी है. मृत्युदंड दिए जाने से पहले उनके मित्र ने उनका भी नाम प्रशासन को बता दिया था. ऐसे में काज़मी के लिए वापसी का रास्ता आसान नहीं है. जिस वक़्त उनके मित्र को मृत्युदंड मिला, उन दिनों काज़मी अंग्रेज़ी पढ़ने के लिए ब्रिटेन आए हुए थे और यहीं उन्हें अपने मित्र को सज़ा मिलने की ख़बर मिली. 19 वर्षीय काज़मी इन दिनों यूरोप में हैं और यूरोपीय देशों से अपने लिए शरण की अपील कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अगर वो ईरान लौटते हैं तो उनके साथ भी वही होगा जो उनके मित्र के साथ हुआ था. पर इस समलैंगिक को कहीं से पनाह की आस नज़र नहीं आ रही है. शरण की गुहार ब्रिटेन पहले ही काज़मी की शरण दिए जाने की अपील को ख़ारिज कर चुका है. इसके बाद इन्होंने नीदरलैंड से शरण देने की अपील की थी. पर नीदरलैंड ने भी काज़मी की अंतिम अपील को निरस्त कर दिया है और अब उन्हें वापस ब्रिटेन लौटना पड़ेगा जहाँ पहले ही उनकी शरण दिए जाने की अर्ज़ी ख़ारिज हो चुकी है. काज़मी के सामने संकट यह है कि ब्रिटेन और नीदरलैंड से शरण न मिलने के बाद अगर वो ईरान लौटते हैं तो समलैंगिकता के अपराध में उन्हें सज़ा भुगतनी पड़ सकती है. हालांकि नीदरलैंड ईरान के समलैंगिकों को एक ऐसे समूह के तौर पर देखता रहा है जिन्हें सुरक्षा और शरण दिए जाने की ज़रूरत है पर इस मामले में ब्रितानी सरकार से पहले शरण की अपील करने के कारण अब यह मसला नीदरलैंड के अधिकार क्षेत्र से बाहर हो चुका है. दरअसल, यूरोपीय संघ के नियमानुसार जहाँ पहले अपील की जाएगी, उसपर निर्णय लेने का अधिकार उसी सरकार को होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीकी चर्च समलैंगिकता पर बँटे17 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना समलैंगिक मर्दों को मिला गोद लेने का हक़23 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना समलैंगिक विवाह को मंज़ूरी मिली14 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना मैक्सिको में समलैंगिकों को मान्यता मिली10 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना समलैंगिक पादरियों को लेकर मतभेद21 जून, 2006 | पहला पन्ना समलैंगिक शादियों पर प्रतिबंध लगे: बुश04 जून, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||