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समलैंगिक मर्दों को मिला गोद लेने का हक़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्राज़ील के साउपाउलो राज्य में एक जज ने एक ऐतिहासिक फ़ैसले में दो समलैंगिक मर्दों को एक पाँच वर्षीय लड़की को गोद लेने की अनुमति दे दी है. वास्को पेदरोदा ने पहले ही इस लड़की को गोद ले रखा है. इस फ़ैसले के बाद जन्म प्रमाण पत्र में दूसरे समलैंगिक मर्द दे गारवालहो का नाम जो जोड़ दिया गया है. गोद लेने का अधिकार समलैंगिक औरतों को पहले ही मिला गया है लेकिन समलैंगिक मर्दों को यह अधिकार पहली बार मिला है. पाँच वर्षीय थोयोदार पिछले दिसंबर से इस समलैंगिक जोड़े के पास रह रह रही है. इन दोनों समलैंगिक मर्दों के बीच पिछले चौदह साल से संबंध हैं. ब्राज़ील के ग्लोबो समाचार पत्र के मुताबिक़ यह जोड़ा कई सालों से थोयोदारा को क़ानूनी तौर पर गोद लेने के लिए प्रयास कर रहा था. हालाँकि संवाददातोओं का कहना है कि गोद लेने का यह अधिकार ब्राज़ील के साउपाउलो राज्य के बाहर भी लागू हो यह ज़रूरी नहीं है. समलैंगिकों के प्रति कड़ा रुख रखने वाले ब्राज़ील में इस क़दम को एक विशेष रियायत के रूप में देखा जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें शिवसेना से नाराज़ समलैंगिक19 जून, 2004 | भारत और पड़ोस एक पाकिस्तानी समलैंगिक की दास्ताँ02 जून, 2005 | भारत और पड़ोस नेपाली समलैंगिकों को एल्टन जॉन की मदद05 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस भारतीय समलैंगिक क़ानून की आलोचना11 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस समलैंगिकों ने बनाया स्वयं सहायता समूह30 जून, 2006 | भारत और पड़ोस समलैंगिकों के जीवन पर बनी फ़िल्में23 जून, 2005 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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