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हिटलर की जन्मपत्री पढ़वाई गई थी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कुछ पुरानी फ़ाइलों से पता चलता है कि ब्रिटेन के ख़ुफ़िया अधिकारी कैसे दूसरे महायुद्ध के समय हिटलर को हराने के लिए एक ज्योतिषी के झाँसे में आ गए थे. ब्रितानी ख़ुफ़िया अधिकारियों ने हिटलर की जन्मपत्री का अध्ययन करवा कर यह पता लगाने की कोशिश की थी कि युद्ध के लिए उनकी सैनिक योजना क्या है. हंगरी के लुडविक वॉन वॉल ने ख़ुफ़िया अधिकारियों को बहलाया था कि वे नाज़ी नेता के निजी ज्योतिषी की भविष्यवाणी की फर्ज़ी प्रति तैयार कर सकते हैं. उन्होंने दावा किया था कि अगर ब्रिटेन यह जान जाए कि हिटलर को क्या ज्योतिषीय सलाह मिल रही है तो वे उसके अगले क़दम के बारे में भी जान सकते हैं. लेकिन ब्रितानी सैनिक ख़ुफ़िया एजेंसी एमआई-5 ने चेतावनी दी थी कि लुडविक ठग है. अमरीकी दौरा ब्रितानी सैनिक अधिकारियों ने उन्हें झूठा और ढोंगी कहकर हटा दिया था जबकि प्रमुख नाज़ियों के बारे में गहरी जानकारी रखने वाले कई अधिकारी लुडविक को 'धूर्त ठग' मानते थे. लुडविक के इन दावों की तो पोल खुल गई थी कि वह हंगरी के उच्चवर्ग से जुड़ा है लेकिन कुछ ख़ुफ़िया अधिकारियों को उम्मीद थी कि वह काम की चंद जानकारियाँ तो दे ही सकता है. शायद यही सोचकर सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एसओ2 प्रचार विभाग में नियुक्त कर लिया और उन्हें कैप्टन का पद और सेना की वर्दी दे दी. बताया जाता है कि उन्हें अपनी सेना की वर्दी में लंदन भर में अकड़कर घूमते रहना बहुत पसंद था. 1940 में विशेष अभियान अधिकारी ने वॉल को अमरीका में एक दौरे के लिए भेजा. इस दौरे का उद्देश्य अविश्वासी जनता को यह समझाना था कि हिटलर को हराया जा सकता है इसलिए अमरीका को भी युद्ध में उनका साथ देना चाहिए. उनकी बातचीत और साक्षात्कार को विशेष प्रचार देते हुए उनके इस मिशन को बहुत सफल माना गया. दिसंबर 1941 में एक ड्रामाई अंदाज़ में पर्ल हार्बर पर हुए जापानी हमले के बाद अमरीका ब्रिटेन के मित्र के तौर पर युद्ध में शामिल हो गया. ज्योतिषीय सलाह अमरीका से लंदन लौटने के बाद लुडविक ने ब्रितानी सेना के सामने प्रस्ताव रखा कि वे हिटलर के निजी ज्योतिषी कार्ल एर्नस्ट क्राफ्ट की उन भविष्यवाणियों का अध्ययन करना चाहते हैं जो उन्होंने हिटलर को भेजी थीं.
लुडविक ने दावा किया कि हिटलर क्राफ़्ट की भविष्यवाणियों पर आँख मूंद कर विश्वास करते हैं इसलिए अगर ब्रितानी अधिकारी उनको मिलने वाली सलाहों के बारे में जान जाएंगे तो हिटलर की योजनाओं का पता चल सकता है. यह योजना कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को पसंद आ गई जिनमें नौसेना के खुफ़िया प्रमुख एडमिरल जॉन गॉडफ़्रे भी शामिल थे. उन्हें हिटलर की औचक सैनिक कार्रवाइयों का सामना करना काफ़ी कठिन लगता था. इतिहासकार कहते हैं कि हिटलर सितारों और भविष्यवाणियों पर कोई ध्यान नहीं देते थे. लुडविक की कोशिशों से संबंधित ये सारी फ़ाइलें पश्चिम लंदन के क्यू में राष्ट्रीय लेखागार में देखी जा सकती हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें नीलाम किए गए 'हिटलर' के बनाए चित्र27 सितंबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस हिटलर की मेज़-कुर्सी नीलाम होगी04 सितंबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस हिटलर के नाम से ही ज़ायका बिगड़ा23 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस हिटलर के पिता का नाम और मिज़ाज?13 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना हिटलर की पेंटिंग 5200 पाउंड में बिकी03 नवंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस गुजरात पुस्तकों में 'हिटलर की तारीफ़'24 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस हिटलर पर बनी फ़िल्म पर भीड़ उमड़ी17 सितंबर, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस हिटलर के जन्म दिवस पर कड़ी सुरक्षा16 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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