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हिटलर की मेज़-कुर्सी नीलाम होगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक ब्रिटिश डीलर का कहना है कि जर्मन तानाशाह एडोल्फ़ हिटलर की मेज़ और कुर्सी 10 लाख डॉलर में नीलाम हो सकती है. ये मेज़ और कुर्सी म्यूनिख़ के एक अपार्टमेंट में रखी हुई है. 1930 के दशक में हिटलर इसी फ्लैट में रहा करते थे. लंदन स्थित डीलर मिनास कैचडोरिएन कहते हैं कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमरीकी सरकार ने हिटलर के निजी सामान को बेच दिया था. इसे अमरीका के ही एक संग्रहकर्ता ने ख़रीदा था. अब कैचडोरिएन को इसे फिर से बेचने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. वो कहते हैं, "मेज़ और कुर्सी दोनों उस समय के जर्मन फर्नीचर की तुलना में बढ़िया किस्म की है जिस पर अभी तक ख़ास ध्यान नहीं गया था." उन्होंने कहा, "इन दोनों चीज़ों के लिए10 लाख डॉलर से भी ज़्यादा की बोली लगाई जा सकती है." बिकने के लिए तैयार फर्नीचर में एक डेस्क, टेबल, क़िताबों की दराज़ और कुर्सियाँ हैं. इसे बवेरिया के बढ़ई एम बालिन ने बनाया था. चौकोर डेस्क के बीच में चमड़े लगाए गए हैं जिस पर काग़ज रख कर लिखा जा सकता है और दोनों किनारों में दराज़ बने हुए हैं. वर्ष 1945 में म्यूनिख़ पर मित्र देशों का क़ब्ज़ा हुआ और इसे अमरीकी फ़ौज के नियंत्रण में दे दिया गया. कैचडोरिएन कहते हैं, "इस बारे में बहुत कम जानकारी है कि डेस्क और कुर्सी अमरीका तक कैसे पहुँची. ये मालूम है कि अमरीकी सरकार ने 1970 में युद्ध के दौरान ज़ब्त हुए सामान को बिक्री के लिए सार्वजनिक किया था. तभी यह निजी हाथों में चला गया होगा." वो कहते हैं कि अग़र इस बार किसी निजी क्रेता की ओर से अच्छे दाम नहीं मिले तो इन वस्तुओं को किसी संग्रहालय या विश्वविद्यालय को दिया जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पोप की गाड़ी' 35 लाख में नीलाम03 सितंबर, 2006 | मनोरंजन 'रॉयल्टी के ढाई करोड़ डॉलर माँगे'31 अगस्त, 2006 | मनोरंजन विवादों के बीच कला की नुमाइश22 जुलाई, 2006 | मनोरंजन हिटलर की पेंटिंग 5200 पाउंड में बिकी03 नवंबर, 2005 | मनोरंजन हिटलर पर बनी फ़िल्म पर भीड़ उमड़ी17 सितंबर, 2004 | मनोरंजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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