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गुरुवार, 24 जनवरी, 2008 को 23:21 GMT तक के समाचार
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इटली के प्रधानमंत्री प्रोदी का इस्तीफ़ा
रोमानो प्रोदी
रोमानो प्रोदी की सरकार बीस माह पुरानी है
इटली में गठबंधन सरकार के प्रधानमंत्री रोमानो प्रोदी ने संसद के उच्च सदन, सीनेट में विश्वासमत हार जाने के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

पिछले 20 महीने से सरकार चला रहे प्रोदी संसद के कई आजीवन सांसदों के वोट के बावजूद विश्वासमत पाँच मतों से हार गए.

राष्ट्रपति जॉर्जियो नैपोलितैनो के प्रवक्ता ने कहा है कि उनका उत्तराधिकारी मिलने तक वे कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे.

अब राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि या तो वे एक अंतरिम सरकार नियुक्त कर दें या फिर चुनाव करवाने की घोषणा कर दें.

संवाददाताओं का कहना है कि यदि चुनाव होते हैं तो मध्य-दक्षिणमार्गी गठबंधन के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी चुनाव जीतने की स्थिति में दिखाई देते हैं.

प्रोदी के इस्तीफ़े के बाद बर्लुस्कोनी ने अपने घर पर एक दावत भी दी.

यह पूछने पर कि उनका अगला क़दम क्या होगा, उन्होंने कहा, "हम क्या करने जा रहे हैं यह हम अपनी सरकार के गठन के पहले सौ दिनों में बता देंगे."

विश्वासमत

प्रधानमंत्री प्रोदी बुधवार को संसद के निचले सदन में विश्वासमत जीत गए थे.

माना जा रहा था कि उच्च सदन सीनेट में विश्वासमत के लिए जाने से पहले ही वे इस्तीफ़ा दे देंगे क्योंकि सीनेट में उनके जीतने की संभावना बेहद कम बताई जा रही थी.

बर्लुस्कोनी
जानकार कह रहे हैं कि बर्लुस्कोनी अगला चुनाव जीतने की स्थिति में हैं

लेकिन वे विश्वासमत के लिए गए और आख़िर पाँच मतों के छोटे अंतर से हार गए.

कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति नेपोलितैनो ने भी प्रोदी को सलाह दी थी कि वे विश्वासमत पर मत विभाजन से पहले इस्तीफ़ा दे दें.

विश्वासमत पर हुई बहस के दौरान प्रोदी ने कहा कि यदि उनकी सरकार हार गई तो अगले गठबंधन के गठन या नए चुनाव तक इटली में राजनीतिक रिक्तता आ जाएगी.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल फ़रवरी में एक प्रस्ताव गिर जाने के कारण उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

तब प्रोदी सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों की तैनाती से संबंधित एक प्रस्ताव सीनेट में पेश किया था लेकिन इस पर हुए मतविभाजन में सरकार की हार हो गई थी.

प्रस्ताव के पास होने के लिए जरूरी 160 मतों की बजाए वे केवल 158 मत ही हासिल कर पाए थे.

हालांकि बाद में उन्होंने विश्वासमत हासिल कर लिया था जिससे यह संकट टल गया था.

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