|
'अगर मेरे साथ हो तो यातना होगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के शीर्ष ख़ुफ़िया अधिकारी माइक मैककॉनेल ने कहा है कि पूछताछ के लिए अपनाई जाने वाली वाटरबोर्डिंग तकनीक 'यातनादायक' है. मैककॉनेल ने कहा कि इस प्रक्रिया में बंदी के फेफड़े में पानी घुस सकता है, उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इस प्रक्रिया से गुज़रना पड़े तो वे इसे यातना ही मानेंगे. अमरीका के एटॉर्नी जनरल ने इस सवाल पर कोई निर्णय करने से इनकार कर दिया है कि पूछताछ की यह प्रक्रिया यातना की श्रेणी में आती है या नहीं. वाटरबोर्डिंग पूछताछ की उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें हिरासत में रखे गए किसी व्यक्ति को डूबने का आभास कराया जाता है. दरअसल, इस तरह जीवन का अंत होने का आभास होने से आम तौर पर व्यक्ति टूट जाता है...और अपना अपराध स्वीकार कर लेता है या फिर राज़ उगल देता है. वाटरबोर्डिंग के दौरान होता ये है कि क़ैदी को लकड़ी के एक तख्ते पर लिटा कर बाँध दिया जाता है. उसके चेहरे पर कपड़ा लपेट दिया जाता है. और इसके बाद उसके चेहरे पर पानी की बौछार डाली जाती है. इसकी वजह से क़ैदी के लिए साँस लेना मुश्किल हो जाता है. ज़ाहिर है वाटरबोर्डिंग कोई पूछताछ की सामान्य प्रक्रिया नहीं है. लेकिन क्या इसे यातना की श्रेणी में रखा जाना चाहिए? क्या वाटरबोर्डिंग पर रोक लगनी चाहिए? इन सवालों को लेकर बहस अमरीका में 11 सितंबर के हमले होने के बाद से जारी ही है. मतभेद बुश प्रशासन जहाँ अल-क़ायदा के संदिग्ध चरमपंथियों से सूचनाएँ उगलवाने के लिए वाटरबोर्डिंग के इस्तेमाल को सही ठहराता है. वहीं मानवाधिकार संगठनों की राय इसके ठीक विपरीत है. वे वाटरबोर्डिंग के इस्तेमाल को अवैध ठहराए जाने की माँग करते हैं.
इसके अलावा दुनिया की कई सरकारों ने भी वाटरबोर्डिंग की तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं. चौतरफ़ा आलोचनाओं के बाद अमरीकी सेना ने वाटरबोर्डिंग पर रोक लगा दी है, लेकिन राष्ट्रपति बुश ने ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए को इसके इस्तेमाल की छूट दे रखी है. सीआईए अधिकारियों का कहना है कि 2001 के बाद मात्र तीन बार ही इस तरीके का इस्तेमाल किया गया है. और 2003 के बाद तो इसका एक भी बार इस्तेमाल नहीं हुआ है. लेकिन अमरीकी सांसद सीआईए के इस तरह सफ़ाई देने मात्र से ही संतुष्ट नहीं हुए और पिछले महीने अमरीकी संसद के निचले सदन में एक विधेयक पारित किया गया जिसमें सीआईए के वाटरबोर्डिंग जैसे पूछताछ के तरीकों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात है. ये विधेयक अब सीनेट में भेजा जाएगा. यदि ऊपरी सदन सीनेट से भी इसे मंज़ूरी मिल गई, तो भी इसके क़ानून बनने की राह में एक अवरोध रहेगा ही क्योंकि माना जाता है कि राष्ट्रपति बुश इस तरह के किसी क़ानून के प्रस्ताव के ख़िलाफ़ अपने वीटो का इस्तेमाल करेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें ऑस्ट्रेलियाई क़ैदी ने आरोपों को माना27 मार्च, 2007 | पहला पन्ना बंदियों को अमरीकी अदालतें नहीं20 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना ग्वांतानामो के बंदियों के लिए नए नियम18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना अमरीका की ग्वांतानामो में नई जेल08 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका ग्वांतानामो बे शिविर बंद करे'19 मई, 2006 | पहला पन्ना ग्वांतानामो क़ैदियों पर लागू होगी संधि11 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||