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अमरीका-ईरानी नोकझोंक का वीडियो | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेना ने हॉरमूज़ जल क्षेत्र में ईरानी नौकाओं के साथ हुई उस गर्मागरम नोकझोंक की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की हैं जिनमें अमरीका के अनुसार ईरानी नौकाओं ने अमरीकी नौसैनिक जहाज़ों पर हमला करने की धमकी दी थी. यह वीडियो और ऑडियो फुटेज अमरीका के तीन में से एक जहाज़ पर रिकॉर्ड की गई हैं जो काफ़ी हिलती हुई नज़र आती है. वीडियो रिकॉर्डिंग में छोटे आकार की कुछ नौकाएँ तेज़ रफ़्तार से नज़दीक आती हुई दिखाई देती हैं. इस वीडियो में एक नौका अमरीकी नौसैनिक जहाज़ के काफ़ी नज़दीक आती नज़र आती है जिसका रंग नीला है और उसमें चालकदल के दो सदस्य सवार हैं. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इस मामले को "भड़काऊ कार्रवाई" क़रार दिया था और कहा था कि यह ऐसी "ख़तरनाक स्थिति" थी जो दोबारा नहीं होनी चाहिए. ईरान ने इस घटना को सिर्फ़ एक सामान्य घटनाचक्र बताया है. अमरीकी नौसैनिक जहाज़ के एक कर्मी ने जब नौकाओं को अपनी तरफ़ आते देखा तो उसने चेतावनी दी कि वे गठबंधन के एक युद्धक जहाज़ की तरफ़ बढ़ रहे हैं. अमरीकी नौसैनिक ने रेडियो संदेश में कहा, "आपसे अनुरोध है कि हमारे साथ संपर्क साधें, अपनी पहचान बताएँ और अपने इरादे स्पष्ट करें, ओवर." नौसैनिक कर्मी पाँच ऐसी छोटी नौकाओं का ज़िक्र करता हुआ नज़र आता है जिनकी पहचान नहीं हो सकी है और साथ ही पृष्ठभूमि में जहाज़ के चेतावनी सायरन बजते सुनाई देते हैं. ख़ाली स्क्रीन यह वीडियो चार मिनट की है, हालाँकि अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि ईरानी नौकाओं के साथ यह नोकझोंक क़रीब बीस मिनट तक चली थी.
चार मिनट का वीडियो ख़त्म होने के बाद स्क्रीन ख़ाली हो जाता है और उसके बाद सिर्फ़ ऑडियो चलता है. उसमें भी कुछ बातचीत स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं देती है. इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में सुनाई देता है कि अमरीकी नौसैनिक कर्मी अंतिम चेतावनी देते हैं कि या तो नौकाएँ अपना रास्ता बदल दें वरना उन्हें "रक्षात्मक कार्रवाई" का निशाना बनाया जाएगा. इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में एक भारी-भरकम आवाज़ यह कहती सुनाई देती है, "मैं तुम पर हमला करने जा रहा हूँ, तुम विस्फोट में उड़ जाओगे." अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन का कहना है कि यह चेतावनी ईरानी नौकाओं के लिए जारी की गई थी. पेंटागन का कहना है कि समझा जाता है कि वे नौकाएँ ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड की थीं और अमरीकी जहाज़ों के क़रीब 200 मीटर की दूरी पर आ गई थीं. पिछले सप्ताहांत हुई यह घटना एक ऐसे जलक्षेत्र में हुई थी जो तेल यातायात का एक प्रमुख रास्ता है और पेंटागन का कहना है कि वो क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में आता है. राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा, "मैं नहीं जानता कि उनका इरादा क्या था लेकिन मैं आपको बता रहा हूँ कि मैं क्या सोचता हूँ, मैं सोचता हूँ कि यह एक भड़काने वाली कार्रवाई थी." वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता रिचर्ड लिस्टर का कहना है कि ऐसा लगता है कि अमरीका इस घटना को ज़्यादा तूल नहीं देना चाहता क्योंकि इसकी छाया राष्ट्रपति बुश के मध्य पूर्व देशों के दौरे पर पड़ सकती है. ईरान ने भी इस घटना को ज़्यादा महत्व नहीं दिया और इसे सामान्य घटना बताया. ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "ऐसा... दो पक्षों के बीच अक्सर होता रहता है और जब दोनों पक्षों की आपस में पहचान स्थापित हो जाती है तो मामला सुलझा लिया जाता है." | इससे जुड़ी ख़बरें 'नए प्रतिबंध लगाने पर सवाल'05 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना 'अमरीका ने ईरान का ख़तरा ज्यादा आंका'03 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान ने 'डिज़ाइन' की प्रति आईएईए को दी14 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना प्रतिबंधों पर ईरान की तीखी प्रतिक्रिया26 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान के ख़िलाफ़ नए आर्थिक प्रतिबंध25 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना 'अमरीका हमला करने की स्थिति में नहीं'04 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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