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मैना भगाने के लिए नकली साँपों का सहारा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुरीली आवाज़ के लिए जानी जाने वाली खूबसूरत मैना पक्षी ऑस्ट्रेलिया के टैमवर्थ शहरवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई हैं. हज़ारों की संख्या में इन मैनाओं ने शहर के पेड़ों पर क़ब्ज़ा जमा लिया है और लोग इनकी तीखी गंध वाली बीट और गंदगी से परेशान हैं. इसी वजह से इन मैनाओं को डराकर भगाने के लिए रंगबिरंगे प्लास्टिक के साँपों का सहारा लिया गया है. सिडनी से उत्तर में स्थित टैमवर्थ में इससे पहले अधिकारियों ने मैनाओं से छुटकारा पाने के लिए वाटर कैनन और बड़ी-बड़ी जालियां लगाने का तरीक़ा अपनाया था. लेकिन ये कवायद भी कारगर नहीं रही. टैमवर्थ को ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रसिद्ध संगीत उत्सव वाले शहर के लिए जाना जाता है, लेकिन अब ये शहर अनचाहे पक्षियों का घर बन गया है. समस्या अधिकारियों को उम्मीद है कि रंगबिरंगे चमकदार प्लास्टिक के नकली सांपों से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है. स्थानीय मेयर का कहना है, अगर आप ख़रीदारी करने के लिए घंटे भर किसी पेड़ के नीचे अपनी कार छोड़ जाइये तो लौटने के बाद शर्तिया आप अपनी कार को पहचान भी नहीं पाएंगे. टैमवर्थ की परिषद महीनों से इस समस्या से जूझ रही है लेकिन फिर भी हालात अबी बेकाबू हैं लेकिन अब मानव और पक्षियों के बीच इस लड़ाई में इस बार गुलाबी, नारंगी, हरे और काले साँपों को पेड़ों की शाखाओं से बाँधा गया हैं. अधिकारियों को उम्मीद है कि मैना इससे डर कर भाग जाएँगी. इससे पहले उच्च शक्ति वाली वाटर कैनन के अलावा तेज प्रकाश और लाउड स्पीकरों की तीखी आवाजों का नुस्ख़ा आजमाया गया था लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ था. अगर नकली साँपों का उपाय भी कारगर नहीं हुआ तो पेड़ों को सूती जाली से या कृत्रिम कोहरे से ढंकने की कवायद अपनाई जा सकती है. हालांकि किसी निशानेबाज़ की मदद लेने की कोई योजना नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें कश्मीर लौटने लगे हैं 'विदेशी मेहमान'14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पक्षी विहार में नदारद हैं परिंदे06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'नई प्रजाति' का पक्षी भारत में देखा गया12 सितंबर, 2006 | विज्ञान जागरुकता....रेत के मुर्गे से22 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस इंडोनेशिया में अदभुत प्रजातियाँ मिलीं07 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान 800 प्रजातियों के लिए ख़तरे की घंटी13 दिसंबर, 2005 | विज्ञान पक्षियों के लिए अँधेरे में डूब जाता है शहर06 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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