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'नई प्रजाति' का पक्षी भारत में देखा गया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पक्षियों से संबंधित एक पत्रिका के मुताबिक भारत के पूर्वोत्तर हिस्से में पक्षियों की एक 'नई प्रजाति' के बारे में पता चला है. इंडियन बर्ड्स पत्रिका का कहना है कि इस विरली प्रजाति का नाम बुगुन लियोसीचला रखा गया है. पत्रिका के मुताबिक इस पक्षी को 10 साल पहले अरूणाचल प्रदेश में रमाना आथ्रेया नाम के एक खगोलशास्त्री ने देखा था. लेकिन दस साल बाद रमाना आथ्रेया अब जाकर इस पक्षी को फिर से ढूँढ पाए हैं और एक नई प्रजाति की पुष्टि हो पाई है. अभी तक इस प्रजाति के सिर्फ़ 14 पक्षियों के होने के बारे में जानकारी थी. इस पक्षी के पंखों पर काले, सफ़ेद और लाल रंग के धब्बे हैं और कलगी भी है. विशेषज्ञों का कहना है कि लियोसीचला प्रजाति का एक अन्य पक्षी इस नए पक्षी से मिलता जुलता है जो केवल मध्य चीन की पहाड़ों में पाए जाता है. बुगुन लियोसीचला नाम के नए पक्षी को अरूणाचल प्रदेश के इगलनेस्ट अभ्यारण्य में देखा गया है. इसी वर्ष जून में असम राज्य में एक बटेर को असम में देखा गया था. माना जा रहा था कि बटेर की ये प्रजाति 80 सालों से विलुप्त हो गई है. इस पक्षी को वन्यजीव विशेषज्ञ अनवरूद्दीन चौधरी ने असम के मानस राष्ट्रीय पार्क में देखा था. | इससे जुड़ी ख़बरें डोडो की हज़ारों साल पुरानी हड्डियां 25 जून, 2006 | विज्ञान इंडोनेशिया में अदभुत प्रजातियाँ मिलीं07 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान 'गिद्ध बचाने के लिए जानवरों की दवा बदलें'31 जनवरी, 2006 | विज्ञान 800 प्रजातियों के लिए ख़तरे की घंटी13 दिसंबर, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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