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पक्षियों के लिए अँधेरे में डूब जाता है शहर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऐसा शायद कम ही होता है कि जब न्यूयॉर्क जैसा शहर अंधेरे में डूब जाता हो लेकिन आजकल कुछ ऐसा ही हो रहा है. हमेशा चमकने दमकने वाला ये शहर अब रात के वक़्त रोशनी से नहीं जगमगाता. न्यूयॉर्क की गगनचुंबी इमारतों में आधी रात के बाद बत्तियाँ गुल कर दी जाती हैं. इसके पीछे कोई न तो आतंकवादी हमले जैसी बात का डर है न ही ये बिजली बचाने की कोई विशेष मुहिम. ये पूरी क़वायद कुछ चिड़ियों की जान बचाने के लिए की जा रही है. दरअसल बसंत और पतझड़ के मौसम में पहाड़ी और मैदानी इलाकों की तलाश में क़रीब पचास लाख चिड़ियाँ न्यूयॉर्क के ऊपर से उड़ कर अपनी मंज़िल को ओर जाती हैं. रात को उड़ने वाली ये चिड़ियाँ सितारों और चाँद के सहारे अपना रास्ता ढूँढती हैं. लेकिन ऊँची इमारतों की कृत्रिम रोशनी से ये बौखला जाती हैं. या कहें कि चकाचौंध कर देने वाली ये रोशनी इन पक्षियों को भ्रमित कर देती हैं. रोशनी से नुक़सान रात के अंधेरे की अभ्यस्त चिड़ियों की आँखों को जब इमारतों के अंदर से दिन जैसा उजाला पैदा करने वाली रोशनी दिखती है तो वे अपना रास्ता भूल जाती हैं या दिन समझ कर बाग़ों के बजाए इमारतों के पास रुक जाती हैं.
बहुत सी चिड़ियाँ तो इन इमारतों के चक्कर लगा लगा कर थक जाती हैं और ज़ख्मी हो जाती हैं, तो कई इमारतों के शीशों से टकराकर मर जाती हैं. रात में रोशनी इन चिड़ियों को अपनी ओर वैसे ही आकर्षित करती है जैसे शमा परवाने को. एक ग़ैर सरकारी संस्था ऑडबॉन सोसाईटी ने इस तथ्य से नगर अधिकारियों को अवगत करवाया. समर्थन ऑडबॉन सोसाईटी के मुताबिक 1997 से अब तक उसे शहर की विभिन्न इमारतों के पास से करीब 100 किस्मों के ज़ख़्मी या मरे हुए 4000 पक्षी मिले हैं. पक्षियों की जान बचाने के लिए संस्था के साथ मिलकर शहर के लोगों ने रात में बत्तियाँ बुझाने का फ़ैसला लिया और ये निर्णय सरकारी स्तर पर भी करवा लिया. इस मुहिम को सभी ओर से पूरा समर्थन मिल रहा है. न्यूयॉर्क शहर के पार्क और बिल्डिंग विभागों ने भी नोटिस जारी किए हैं. अब बहुमंज़िला इमारतों में 40 मंज़िल से ऊपर की मंज़िलों में अंदर और बाहर की बिजली रात के 12 बजे से सुबह दिन का उजाला होने तक बंद करनी पड़ेगी. अब बहुत सी बड़ी बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने भी इस मामले में हामी भर ली है. शहर की शान समझे जाने वाली मशहूर एंपायर स्टेट इमारत में भी अब आधी रात के बाद अँधेरा छा जाता है. ऊँची इमारतों में रहने वाले लोगों से भी अपील की गई है कि वह अपने घरों की बिजली अगर बंद नहीं कर सकते तो कम से कम खिड़की को पर्दे से ढक दें ताकि रोशनी बाहर न दिखे. पक्षियों की सुरक्षा के लिए ऊँची इमारतों में रात के समय बिजली बंद करने के कार्यक्रम अमरीका के शिकागो और कनाडा के टोरंटो जैसे शहरों में कामयाब हो चुके हैं. |
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