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शनिवार, 03 नवंबर, 2007 को 13:16 GMT तक के समाचार
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गम्बारी दूसरी बार बर्मा पहुँचे
इब्राहिम गम्बारी
संयुक्त राष्ट्र को दी रिपोर्ट में पिछली बार गम्बारी ने कहा था वहाँ शांति बनाने में और समय लगेगा
संयुक्त राष्ट्र में बर्मा के विशेष राजदूत इब्राहिम गम्बारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दमन के बाद दूसरी बार बर्मा की यात्रा पर हैं.

महत्वपूर्ण है बर्मा के सैन्य शासकों ने एक दिन पहले ही वहाँ मौजूद संयुक्त राष्ट्र के सबसे वरिष्ठ प्रतिनिधि चार्ल्स पेट्री को देश छोड़ने का निर्देश दिया था.

बताया जा रहा है कि पेट्री ने आरोप लगाया था कि बर्मा की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के लिए सैन्य शासक ज़िम्मेदार हैं.

बर्मा के शासकों के आलोचकों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वे गम्बारी के दौरे के मुख्य मक़सद से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं.

उनका कहना है कि गम्बारी की यात्रा का मुख्य मक़सद सुधारों पर चर्चा करना है.

गम्बारी की कोशिश है कि बर्मा की सरकार राजनीतिक क़ैदियों को रिहा करे और विपक्ष के साथ बातचीत शुरु करे.

पिछली यात्रा

पिछली महीने भी गम्बारी ने बर्मा जाकर सैन्य शासन और आंग सांग सू ची से मुलाकात की थी. यात्रा के बाद संयुक्त राष्ट्र को दी रिपोर्ट में उन्होंने कहा था कि वहाँ शांति बनाने में और समय लगेगा.

संयुक्त राष्ट्र ने पिछले दिनों एक बयान जारी कर सरकार विरोधी प्रदर्शनों का दमन करने के लिए हिंसा के इस्तेमाल की निंदा की है.

बर्मा में कार्यकर्ताओं का कहना है कि सितंबर के अंत के बाद से हज़ारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.

करीब डेढ़ महीना पहले सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर सैन्य सरकार के बल प्रयोग के बाद दोबारा ये प्रदर्शन किए गए हैं.

बौद्ध भिक्षुओं के व्यापक प्रदर्शन के दौरान सैन्य सरकार जुंटा ने बल प्रयोग किया था. सरकारी बयानों के अनुसार उस बल प्रयोग में पकोक्कू नामक स्थान पर दस बौद्ध भिक्षु मारे गए थे.

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