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बर्मा में 'कहीं ज़्यादा' लोग मरे हैं: ब्रिटेन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने बर्मा में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मरने वालों की संख्या कहीं ज़्यादा होने की आशंका जताई है. ब्राउन आज बर्मा में असंतोष के मुद्दे पर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से बात करने के बाद बोल रहे थे. उल्लेखनीय है कि गुरुवार को बर्मा में आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या नौ बताई गई थी. ब्राउन ने कहा, "मैं बर्मा की जनता के ख़िलाफ़ इस घृणित हिंसा की निंदा करता हूँ." उन्होंने कहा, "मुझे डर है कि बर्मा में उससे कहीं ज़्यादा लोग मारे गए हैं जितने की बात अभी की जा रही है." संयुक्त राष्ट्र के दूत इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने इस बात की पुष्टि की है कि संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गम्बारि शनिवार को बर्मा पहुँच रहे हैं. व्हाइट हाउस की एक प्रवक्ता ने कहा, "हमने बर्मा के अधिकारियों से कहा है कि गम्बारि जिस किसी से मिलना चाहें, उन्हें इसकी अनुमति दी जानी चाहिए. चाहे वो सैनिक नेता हों, धार्मिक नेता हों या फिर लोकतंत्रवादी नेता आंग सान सू ची." बीबीसी के दक्षिण एशिया संवाददाता जोनाथन हेड के अनुसार बर्मी शासक दुनिया भर में हो रही निंदा से मुँह मोड़ रहे हैं. अब इब्राहिम गम्बारि के बर्मा पहुँचने के बाद पहली बार बर्मा की हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय चिंता सीधे वहाँ के सैनिक शासकों तक पहुँचाई जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें बर्मा में बौद्ध मठ 'सील' किए गए28 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना बर्मा में बल प्रयोग, नौ की मौत27 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना बर्मा सरकार की अंतरराष्ट्रीय आलोचना27 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र की बर्मा से संयम रखने की अपील 26 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना अब बर्मा में विपक्षियों की धरपकड़26 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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