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प्रदर्शनों के बीच संयुक्त राष्ट्र दूत रंगून पहुँचे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गांबरी बर्मा के सैन्य शासन के समझाने-बुझाने के लिए रंगून पहुँचे हैं. उधर तीन दिन की सरकारी कार्रवाई के बावजूद सैकड़ों प्रदर्शनकारी रंगून में फिर एकत्र हो गए हैं. दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र के खाद्य सामग्री कार्यक्रम की ओर से बर्मा के शासकों को अपील की गई है कि देश के ग़रीबी से ग्रस्त हिस्सों में पाँच लाख लोगों तक खाद्य सामग्री पहुँचाने के लिए वह प्रतिबंध हटाए. संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गांबरी बर्मा की सेना के अधिकारियों को ये समझाने की कोशिश करने वहाँ गए हैं कि लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का दमन बंद किया जाए. प्रदर्शनकारियों पर बरसी लाठियाँ लेकिन उनके रंगून पहुँचने से ठीक पहले सुरक्षा बलों ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों पर लाठियाँ बरसाईं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुरक्षा बलों और उनके समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों को घेर लिया है.
प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे हैं और पुलिस को चिढ़ा रहे हैं लेकिन वहाँ गोलियाँ चलाए जाने की कोई ख़बर नहीं है. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बीबीसी को बताया है कि लगभग एक हज़ार सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. मोबाइल फ़ोन और इंटरनेट सेवा में अवरोध के कारण सूचना तंत्र फिर से बाधित हुआ है और पूरी सूचना नहीं मिल पा रही है. बीबीसी मिली खबरों के मुताबिक बौद्ध भिक्षुओं ने दूसरे शहरों में भी विरोध प्रदर्शन किया है. इनमें मैंडेले, सिट्टवे और पाकोकु शामिल हैं. पर्यवेक्षकों का कहना है कि दोबारा हुए प्रदर्शनों से सैन्य शासन को धक्का लगा है क्योंकि इससे पहले सरकारी मीडिया ने घोषणा की थी कि शांति और व्यवस्था कायम हो चुकी है. उत्तरी बर्मा के काचिन में सरकार के समर्थन में भी रैली हुई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें संयुक्त राष्ट्र की बर्मा से संयम रखने की अपील 26 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना अब बर्मा में विपक्षियों की धरपकड़26 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना बर्मा पर भारत की दुविधा और चुप्पी26 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बर्मा में अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन23 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना बर्मा में बौद्ध भिक्षुओं का प्रदर्शन18 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना सुरक्षा परिषद में पहली बार बर्मा पर चर्चा29 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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