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पेरू में आए भूकंप में 437 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लैटिन अमरीकी देश पेरू में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 437 लोग मारे गए हैं और एक हज़ार से ज़्यादा घायल हैं. भूकंप की तीव्रता 7.9 थी. भारतीय समयानुसार सुबह लगभग पाँच बज कर 10 मिनट पर आए इस भूकंप का केंद्र पेरू की राजधानी लीमा से 160 किलोमीटर दूर था. चार देशों में सूनामी की चेतावनी जारी की गई थी जिसे वापस ले लिया गया है. इस भूकंप का असर सबसे ज़्यादा समुद्र के आसपास के इलाक़ों में देखा गया है. राजधानी पेरू में भी इस भूकंप के झटके कुछ मिनटों के लिए महसूस किए गए. लोग घबरा कर अपने दफ़्तरों और घरों से बाहर आ गए, यातायात रुक गया. पहले झटके के बाद बाद में भी झटके महसूस किए गए. राजधानी से इमारतों और पेड़ों के गिरने के अलावा आग लगने की भी ख़बरें आ रही हैं. भूकंप के कारण टेलीफ़ोन लाइनें और बिजली की तारें टूट गई हैं. राजधानी लीमा से दूर और भूकंप के केंद्र के पास के कम से कम एक शहर से भूकंप के विनाश की ख़बरें आ रही हैं लेकिन टेलीफ़ोन लाइनों के बंद होने से जानकारी आने में परेशानियाँ पेश आ रही हैं. लीमा में बीबीसी संवाददाता डैन कॉलिन्स एक बहुमंज़िली इमारत में थे. उन्होंने बताया जब ये भूकंप आया,''मैं अपने घर में था जो एक 19 मंज़िला इमारत में है. मैं इमारत के सबसे ऊपर वाली मंज़िल में था. इमारत अचानक ज़ोर से हिलने लगी, किताबें आलमारी से गिरने लगीं, लैंपशेड गिर गया, दीवारों से फ़ोटो गिरने लगीं. मैं एक लिफ़्ट से जल्दी से बाहर निकल आया. लेकिन एक बात ध्यान रखने की है. लीमा में भूकंप आते रहते हैं इसीलिए यहाँ इमारतें ये ध्यान में रखकर बनाई गई हैं. लेकिन इस तरह की व्यवस्था सभी इलाकों में नहीं है, वहाँ के बारे में ज़्यादा चिंता है.'' अमरीका के हवाई द्वीप स्थित पेसिफ़िक सुनामी वॉर्निंग सेंटर के विक्टर सार्डीना ने बीबीसी की बताया कि ये भूकंप बड़ा है इसीलिए इससे काफ़ी नुकसान हुआ होगा. सुनामी के बारे में उनका कहना था, ''दुखद सच्चाई ये है कि अगर इस भूकंप से सुनामी आई है, जैसा कि लगता है कि आई है, भले ही अभी वो छोटी लगती हो तो वो अब तक समुद्रतटीय इलाक़ों तक पहुँच चुकी होगी. ये भूकंप समुद्र के बहुत क़रीब आया है और ज़्यादा गहरा भी नहीं है. मुझे लगता है कि अगर सुनामी आई होगी तो वो 15 से बीस मिनट में तटीय इलाक़ों तक पहुँच गई होगी.'' अमरीकी भूगर्भ विज्ञान विभाग का कहना है कि भूकंप का केंद्र ज़मीन से सिर्फ़ 18 किलोमीटर नीचे था जिसके कारण सूनामी की आशंका जताई जाने लगी थी लेकिन अब इस चेतावनी को वापस ले लिया गया है. |
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