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बुधवार, 06 दिसंबर, 2006 को 04:27 GMT तक के समाचार
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दो साल बाद दफ़नाए गए मृतक
सुनामी
शवों की पहचान को फोरेंसिक इतिहास का सबसे बड़ा अभियान माना गया
दो साल पहले आए विनाशकारी सुनामी मारे गए 125 लोगों को थाईलैंड में अब दफ़ना दिया गया है. काफी कोशिशों के बावजूद इनकी पहचान नहीं हो पाई.

सुनामी ने दक्षिण पूर्वी एशिया में भयानक तबाही मचाई थी और दो लाख से अधिक लोग मारे गए थे.

थाईलैंड में लगभग 5400 लोग मारे गए थे. इनमें आधे से अधिक विदेशी सैलानी थे. ऐसी ख़बरें हैं कि सुनामी के बाद अभी भी लगभग तीन हज़ार लोग लापता हैं.

सुनामी में मारे गए लोगों के शव महीनों बाद तक मिलते रहे. इन शवों की पहचान करने में काफी दिक्कतें आई. इसे अब तक का सबसे बड़ा फोरेंसिक अभियान भी कहा जाता है.

इसके बावजूद थाईलैंड में 125 शव ऐसे थे जिनकी पहचान डीएनए या दाँतों के रिकॉर्ड की पड़ताल से भी नहीं हो सकी.

इन्हें बुधवार को फ़ुकेट के पास एक कब्रिस्तान में दफ़ना दिया गया.

शव संरक्षण

सभी शवों में माइक्रोचिप लगाए गए हैं और इन्हें एल्युमीनियम के ताबूत में रख कर दफ़नाया जा रहा है ताकि ज़रूरत पड़ने पर इन्हें बाद में भी निकाला जा सके.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये लोग बर्मा से आए मज़दूर थे. इनके परिजन इस हालत में नहीं रहे होंगे कि थाईलैंड आकर अपने रिश्तेदारों की खोज करें.

सुनामी से थाईलैंड में पर्यटन उद्योग को भारी क्षति पहुँची थी लेकिन अब धीरे धीरे सैलानियों की संख्या बढ़ने लगी है.

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