|
'मृतकों की संख्या डेढ़ लाख से भी ऊपर' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सूनामी के कहर से मरने वालों की संख्या डेढ़ लाख से ऊपर जा पहुँची है. संयुक्त राष्ट्र के राहत समन्वयक जैन एगलैंड का कहना है कि मरने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक होगी, वे कहते हैं, "मुझे लगता है कि मरने वालों की तादाद अनुमान से कहीं अधिक है." उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक सहायता देने वालों की सराहना की और बताया कि अब तक दुनिया भर से सरकारी और आम नागरिकों की ओर से मिलने वाली सहायता का आँकड़ा दो अरब डॉलर तक पहुँच गया है. पिछले रविवार को सूनामी से हुई तबाही के बाद दुनिया भर से आर्थिक सहायता पहुँचने का सिलसिला जारी है. अब तक लगभग एक अरब डॉलर की धनराशि अलग-अलग देश एकत्र कर चुके हैं और इस धनराशि के अभी और बढ़ने की संभावना है. आर्थिक सहायता देने वाले देशों की सूची में जापान सबसे ऊपर है, उसने सूनामी पीड़ितों की सहायता के लिए 50 करोड़ डॉलर देने की घोषणा की है. जापान के प्रधानमंत्री जुनिचोरी कोईज़ुमी ने कहा है कि उनका देश अधिकतम संभव सहायता दे रहा है और एशियाई देश होने के नाते वह अपना फ़र्ज़ निभाने का प्रयास कर रहा है. जापान ने अपने जहाज़ और राहत दल पहले प्रभावित इलाक़ों में भेजे हैं, इसके अलावा जापान ने सूनामी पर नज़र रखने के लिए समुद्र में चेतावनी प्रणाली लगाने में सहायता देने की पेशकश भी की है. हिंद महासागर में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिससे सूनामी के बारे में पहले से चेतानवी मिल सके लेकिन प्रशांत महासागर में ऐसी व्यवस्था मौजूद है, जापान का कहना है कि हिंद महासागर में ऐसी ही प्रणाली लगाने में वह मदद कर सकता है. अमरीकी सहायता अमरीका ने सूनामी से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए पैंतीस करोड़ डॉलर देने की घोषणा की है, उसने पहले साढ़े तीन करोड़ डॉलर देने की घोषणा की थी. कई सहायता एजेंसियों ने इस रकम को बहुत कम बताते हुए अमरीका की आलोचना की थी जिसके बाद अमरीका ने शुक्रवार को इस रक़म को दस गुना बढ़ाने का ऐलान किया. दुनिया भर में स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिकों ने इस आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भारी रक़म जुटाई है और अनेक देशों में सहायता राशि जमा करने का काम जारी है. ब्रिटेन में भी आम नागरिकों ने सात करोड़ डॉलर से अधिक धनराशि जमा की है, बेसहारा बच्चों की तस्वीरों और उजड़े घरों को देखकर लाखों लोगों का दिल भर आया जो अपने सामर्थ्य के अनुसार सहायता कर रहे हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||