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सुनामी प्रभावित इलाकों में पहुँचे क्लिंटन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने शुक्रवार को वर्ष 2004 में आई सुनामी लहरों से सार्वाधिक पीड़ित दक्षिण भारत के इलाकों का दौरा किया है. सुनामी राहत के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत के रूप में नियुक्त बिल क्लिंटन ने तमिलनाडु के कुड्डालूर में सुनामी पीड़ितों के लिए बनाए गए नए घरों और स्कूलों को देखने पहुँचे. उन्होंने नई पूर्व-चेतावनी प्रणाली से लैस एक चक्रवात केंद्र का मुआयना भी किया और इसके काम करने के तरीके का भी जायज़ा लिया. सुनामी लहरों से इस क्षेत्र में 6000 से भी अधिक लोग मारे गए थे और क़रीब दो लाख लोग प्रभावित हुए थे. संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत के रूप में सुनामी प्रभावित इलाकों के अपने अंतिम दौरे में क्लिंटन को थाईलैंड और इंडोनेशिया का भी दौरा करना है जहाँ सुनामी से दसियों हज़ार लोग मारे गए थे. क्लिंटन ने पिछले वर्ष मई में इस क्षेत्र का दौरा किया था और इस आपदा में बचे लोगों से मिले थे. इससे पहले सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति ने राजधानी दिल्ली में एक समारोह के दौरान बच्चों के लिए एचआईवी/एड्स का इलाज सस्ता बनाए जाने की घोषणा की थी. सुनामी में जीवित बचे एक व्यक्ति से बातचीत में क्लिंटन ने अपने पिछले दौरे के दौरान कहा था- “मैं आपकी कहानी जीवन भर नहीं भूल पाऊँगा.” | इससे जुड़ी ख़बरें राहत कार्य से लोग असंतुष्ट30 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस सूनामी पीड़ित राज्यों के लिए 2731 करोड़19 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस सूनामी चेतावनी प्रणाली पर विवाद30 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस सूनामी का दर्द, उस पर बाढ़ की मार19 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'सुनामी पीड़ितों के लिए मकान समय पर'17 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस ऐसे दिया मौत को चकमा18 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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