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'सुनामी पीड़ितों के लिए मकान समय पर' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि सुनामी के बाद अस्थाई आवासों में रह रहे लोगों के लिए वर्ष 2006 के मध्य के निर्धारित समय सीमा में 60 हज़ार मकान बना दिए जाएँगे. अधिकारियों ने कहा है कि इस समय 15 हज़ार क्षतिग्रस्त मकानों को दुरुस्त कर दिया जाएगा और दूसरे चरण की शुरुआत कर दी जाएगी जिसमें 60 हज़ार मकान और बनाए जाएँगे. उल्लेखनीय है कि सुनामी से तमिलनाडु राज्य में जानमाल की सबसे ज़्यादा हानि हुई थी और अब इस बात को लेकर विवाद चल रहा है कि राज्य सरकार पीड़ितों के लिए मकान आदि के निर्माण में बेहद सुस्त है. तमिलनाडु के राहत आयुक्त आर संथानम ने कहा है कि सरकार डेढ़ लाख स्थाई मकानों का निर्माण किया जा रहा है जिसमें शौचालय और अग्निरोधक छतों जैसी सभी मूलभूत सुविधाएँ होंगी. उन्होंने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा कि निर्माण कार्यों में 30 करोड़ रुपए खर्च किए जाएँगे. उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2004 में आए सुनामी के बाद से पीड़ित लोग टिन की छतों वाले अस्थाई निवास में रह रहे हैं. राहत आयुक्त संथानम ने कहा है कि सरकार को लोगों की और स्वयंसेवी संगठनों की नाराज़गी का पूरा अंदाज़ा है लेकिन सरकार को निर्माण कार्यों के लिए कई बाधाओं को दूर करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार इन बाधाओं को दूर कर रही है. उनका कहना था कि बात सिर्फ़ मकानों की नहीं है और इन मकानों के साथ सड़क-बिजली और पानी की भी सुविधाएँ साथ में उपलब्ध करवाया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके अलावा सरकार समुद्री दीवार बनाने और वृक्षारोपण की भी योजना बना रही है. |
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