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तमिलनाडु में महामारी फैलने का ख़तरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया में भूकंप के बाद समुद्री लहरों के उफान में हज़ारों लोगों की जान गई है. भारत में अंडमान निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु सबसे ज़्यादा प्रभावित रहे हैं. तमिलनाडु में सहायता कार्यों में जुटे राहतकर्मियों ने चेतावनी दी है कि प्रभावित इलाक़ों में महामारी फैलने का ख़तरा बढ़ गया है. राहतकर्मियों का कहना है कि समय रहते महामारी से निपटने की कोशिश करनी चाहिए अन्यथा स्थिति बेक़ाबू हो सकती है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ़) का आकलन है कि सूनामी लहरों के तांडव में लाखों लोग बेघर हो गए हैं. यूनिसेफ़ का कहना है कि पहले ही उसे तमिलनाडु के इलाक़ों में डायरिया फैलने की ख़बर मिल रही है. यूनिसेफ़ का कहना है कि चूँकि तबाही के बाद सैकड़ों लोग शिविरों में रह रहे हैं जहाँ अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है. संस्था का कहना है कि लोगों को अभी भी पीना का स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है. और तो और अभी भी कई इलाक़ों से शव बरामद हो रहे हैं. कई इलाक़ों में लोग नाराज़ हैं क्योंकि शवों के अंतिम संस्कार की भी सुविधा उन्हें नहीं मिल रही है. लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया. राज्य के तटवर्ती इलाक़ों में सैकड़ों राहत शिविर बनाए गए हैं. सहायता एजेंसियों के साथ सेना भी लगी हुई है. लेकिन सुविधाओं का अभाव और सहायता मिलने में देरी से लोग काफ़ी नाराज़ हैं. |
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