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जापान में तूफ़ान ने मचाई तबाही | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान में पिछले एक दशक में आए सबसे भयंकर तूफ़ान में कम से कम 48 लोग मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हैं. टोकाज नाम के इस तूफ़ान की गति 229 किलोमीटर प्रति घंटा थी. दक्षिण पश्चिम की ओर से आए इस तूफान के कारण हज़ारों लोगों को अपना घर छोड़ कर भागना पड़ा. अभी भी 33 लोग लापता हैं. तूफ़ान में सैकड़ों घर टूट गए हैं और पानी के तेज बहाव में कारें तक बह गयी हैं. समुद्र तट सुरक्षा तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो गया है. हालांकि जब तूफ़ान जापान की राजधानी टोक्यो तक पहुंचा तो इसकी गति धीमी हो चुकी थी इसलिए वहां नुक़सान कम हुआ है. टेलीविज़न पर बड़े बड़े वृक्षों, कारों और ट्रकों को तेज़ पानी में बहता दिखाया जा रहा है. जापान में इस साल यह दसवाँ बड़ा तूफ़ान है. परिवहन व्यवस्था चरमरायी जब यह तूफ़ान अपने चरम पर था तो इसके घेरे में 800 किलोमीटर परिधि का इलाका था. दक्षिण के कई हिस्से ख़ासकर मियाज़ाकी प्रांत में स्कूलों को बंद कर दिया गया है और यहां परिवहन व्यवस्था ठप पड़ गयी है. स्थानीय मीडिया के अनुसार क़रीब 50000 घरों में बिजली नहीं है और क़रीब डेढ़ लाख लोग बेघरबार हो गए हैं. देश भर में कम से कम 1000 घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं और सवा लाख यात्री प्रभावित हुए है. जापान की विश्व प्रसिद्ध बुलेट ट्रेनें भी तूफ़ान से प्रभावित हुई है. टोक्यो और ओसाका के बीच चलने वाली ट्रेनें कुछ समय के लिए बंद करनी पड़ी थीं. मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को भी कुछ प्रांतों मे तूफ़ान आने की आशंका है. |
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