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'समझौते के ज़रिए आत्महत्याएँ' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान में अधिकारियों को नौ लाशें मिली हैं और कहा जा रहा है कि इन लोगों ने इंटरनेट पर समझौता कर एक साथ आत्महत्या की है. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि टोक्यो के दक्षिण में सातामा पर्वतों के पास एक गाड़ी में सात युवा लोगों की लाशें मिली है. इसके कुछ ही देर बाद दो महिलाओं की लाशें भी मिलीं और कहा जाता है कि इन लोगों ने भी समझौते के ज़रिए आत्महत्या की है. जापान में पिछले कुछ दिनों में इंटरनेट पर समझौते के तहत कई लोगों ने आत्महत्या की है. ऐसा इसलिए होता है क्योकि लोग अकेले मरना नहीं चाहते. नेशनल पुलिस एजेंसी के अनुसार वर्ष 2003 में 34000 लोगों ने आत्महत्या की है. जापान में इन आत्महत्याओं का मुख्य कारण आर्थिक दिक्कतें और अकेलापन माना जाता है. इनमें से कुछ लोगों ने इंटरनेट पर संपर्क स्थापित कर एक साथ आत्महत्याएं की है. बीबीसी के टोक्यो संवाददाता का कहना है कि इंटरनेट पर दर्ज़नों ऐसे साइट हैं जो आत्महत्या के तरीकों के बारे में सुझाव देते हैं. ज़हर खाकर मरे साइतामा में मृत पायी गयी तीन महिलाएं और चार पुरुषों की उम्र 20-22 साल है. ये लोग और कानागावा में मिली दो औरतों की लाशों के बारे में पुलिस का मानना है कि ये मौतें कार्बन मोनोआक्साड लेकर की गई है. प्रवक्ता ने कहा " हमें इन शवों के साथ किसी प्रकार की हिंसा के सबूत नहीं मिले है. " इंटरनेट पर आत्महत्या के तरीके बताए जाने पर पुलिस नज़र रख रही है. अधिकारी इन साइटों को बंद करने पर विचार कर रहे हैं. दूसरी तरफ साइटों के मालिकों का कहना है कि वो ऐसे लोगों की मदद कर रहे है जिन्हें भविष्य से कोई उम्मीद नहीं है. |
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