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भारत में मृतक संख्या 7000 से ऊपर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंद महासागर में आए भूकंप और फिर उससे पैदा हुए समुद्री उफान से भारत में भी मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है और अब तक लगभग सात हज़ार लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष के प्रवक्ता ने बीबीसी हिंदी के साथ बातचीत में बताया कि तमिलनाडु, केरल, आँध्रप्रदेश और पॉंडिचेरी में लगभग 2900 लोग मारे गए हैं. उधर अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पुलिस महानिरीक्षक शमशेर देयोल ने बीबीसी संवाददाता को बताया कि द्वीप समूह में लगभग 3000 लोग मारे गए हैं और दो हज़ार अन्य अब भी लापता हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना था कि तमिलनाडु में मरने वालों की संख्या लगभग 2300, केरल में 130 और पॉंडिचेरी में 282 है. राहत कार्य बीबीसी संवाददाता के अनुसार आँध्रप्रदेश में 96 लोग मारे गए हैं लेकिन 99 अब भी लापता हैं. केंद्र सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है कार निकोबार द्वीपों के साथ अब संपर्क दोबारा कायम हो गया है और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की एक टीम वहाँ पहुँच गई है. ये द्वीप समुद्री उफान आने के बाद से शेष भारत से कटा हुआ था. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस प्राकृतिक त्रासदी से हुए जान-माल के नुकसान पर मंत्रिमंडल की एक बैठक की अध्यक्षता की जिसमें राहत कार्यों पर चर्चा हुई. भारत के वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि सरकार राहत कार्यों के लिए पाँच अरब रुपए देगी. मंत्रिमंडल का एक दल दिन में दो बार बैठक करेगा और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों का जायज़ा लेगा. उधर काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और रक्षा मंत्री प्रणव मुकर्जी एंडेमान-निकोबार द्वीप समूह का हवाई दौरान करने जा रहे हैं. रविवार को ही केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर और दयानिधि मारन को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने विशेष दूत बनाकर तमिलनाडु भेजा था ताकि राहत और बचाव कार्यों में ज़्यादा समन्वय बने. भूकंप कहाँ आया और समुद्री उफान कैसी भारत के तट तक पहुँचा?
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