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मटैल ने लाखों खिलौने वापस मँगाए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
खिलौने बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी अमरीकी कंपनी मटैल ने चीन में निर्मित दुनिया भर से एक करोड़ अस्सी लाख खिलौनों को वापस मँगा लिया है. चीन में बने इन खिलौनों को इसलिए वापस मँगाया गया है कि क्योंकि इन पर किए गए रंग में सीसा मिलाया गया था और कुछ खिलौनों में चुंबक लगे हैं जो बाहर निकल सकते हैं और बच्चे उन्हें निगल सकते हैं. पिछले दो हफ़्तों में दूसरी बार चीन निर्मित खिलौनों को वापस बुलाया गया है. मटैल ने उन खिलौनों को भी वापस मँगा लिया है जिनमें छोटे-छोटे चुंबक इस्तेमाल किए गए हैं. उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा आयोग का कहना है कि वापस मँगाए गए उत्पादों से किसी को नुकसान पहुँचने के बारे में उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है. मटैल ने अमरीका और दुनिया के अन्य हिस्सों से दो लाख 53 हज़ार सार्ज ट्वाय कारें वापस मँगाई हैं. कंपनी के मुताबिक इनमें से 49 हज़ार खिलौने ब्रिटेन और आयरलैंड में है. कंपनी ने आरोप लगाया है कि खिलौनों पर हुए रंग में मिला सीसा एक चीनी कंपनी हॉंग ली डा ने मिलाया था जो अनाधिकारिक तौर पर रंग सप्लाई करने वालों से रंग लेती थी. चीनी खिलौने अमरीका में चीनी उत्पादों को लेकर चिंता व्याप्त है और चीन को डर है कि मेड इन चाइना के लेबल की छवि को इससे नुकसान पहुँच रहा है. चीनी अधिकारियों ने समस्या से निपटने के लिए कई क़दमों की घोषणा की है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की अर्थव्यवस्था इतनी तेज़ी से आगे बढ़ी है कि इस मुद्दे को सुलझाने में लंबा समय लगेगा. उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा आयोग का कहना है कि नवंबर 2006 के बाद से खिलौनों से चुबंक के अलग होने के करीब 400 मामले सामने आए हैं. तब मटैल ने 24 लाख खिलौने वापस बुला लिए थे. आयोग इस बात को लेकर चिंतत है कि अगर कोई बच्चा एक छोटी चुंबक को निघल जाए तो वो दूसरी चुंबकों को आकर्षित कर सकती है और आंत में जाकर नुकसान पहुँचा सकती है. आयोग ने कहा है कि चुंबक निगलने के बाद तीन बच्चों की सर्जरी करवानी पड़ी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें चीनी सामान को लेकर चिंतित अमरीका19 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना जलवायु परिवर्तन पर चीन की योजना04 जून, 2007 | पहला पन्ना रोज़गार देने में चीन से आगे भारत20 जून, 2007 | कारोबार बुज़ुर्गों के लिए जापानी खिलौने01 मई, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस बार्बी के मुक़ाबले एक अनोखी गुड़िया13 जनवरी, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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