|
चीनी सामान को लेकर चिंतित अमरीका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने आयातित वस्तुओं की गुणवत्ता परखने के लिए एक समिति का गठन किया है. मछलियों, समुद्रीखाद्य, टूथपेस्ट और टायर से लेकर खिलौने तक चीन से आने वाले बहुत से सामान को लेकर अमरीका में चिंता के बाद राष्ट्रपति ने यह क़दम उठाया है. हालांकि राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस समिति का गठन सिर्फ़ चीनी सामान को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है और इसका उद्देश्य सभी आयातित सामान की जाँच करना है. उधर चीन ने विदेशी मीडिया पर आरोप लगाया है कि उसने चीनी सामान की कमियों को बढ़ाचढ़ाकर बताया. लेकिन सरकार ने स्वीकार किया है कि उसे अपने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ानी होगी. इस बीच अमरीका के खाद्य और दवा नियंत्रक (एफ़डीए) की भी निंदा हुई है कि वह आयातित सामान की गुणवत्ता जाँचने में सक्षम नहीं है. राजनीतिक विवाद राष्ट्रपति बुश ने नव गठिन जाँच समिति से कहा है कि वह 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट उन्हें दे दे. इस समिति के साथ अपनी पहली बैठक के बाद राष्ट्रपति बुश ने कहा, "खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं की सुरक्षा गंभीर विषय है." इस समिति के प्रमुख ह्यूमन सर्विसेस सेक्रेटरी माइकल लीविट ने कहा, "दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है और अमरीकी चाहते हैं कि वे जो कुछ भी ख़रीदें वह सुरक्षित हो." लेकिन डेमोक्रेट सांसद चार्ल्स शूमर का कहना है कि यह समिति पर्याप्त नहीं है. उनकी मांग थी कि स्थाई रुप से एक 'इम्पोर्ट ज़ार' की नियुक्ति की जानी चाहिए. इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस क़दम से चीन नाराज़ नहीं होगा. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता टोनी स्नो ने कहा, "इसका निशाना चीन नहीं है. यह सामान्य व्यावसायिक क़दम है. हम 150 से भी ज़्यादा देशों से खाद्य सामग्री आयात करते हैं और इसका उद्देश्य उन सब पर नज़र रखना है." चीनी सामान पर चिंता
इस बीच चीनी उत्पादों को लेकर अमरीका में सवाल उठाए गए हैं और सरकार को कई सामान को लेकर चेतावनी जारी करनी पड़ी है और कुछ को बाज़ार से हटाने के आदेश देने पड़े हैं. उदाहरण के तौर पर 15 लाख खिलौना ट्रेनों को बाज़ार से हटाने के आदेश दिए गए थे क्योकि इनमें कथित तौर पर लेड यानी सीसे से बना पेंट लगा हुआ था जो बच्चों के लिए घातक हो सकता है. इसी तरह पिछले महीने एफ़डीए ने चीन से आने वाली पाँच तरह की मछलियों और समुद्री खाद्य के आयात पर तब तक के लिए रोक लगाने की घोषणा की थी जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि चीन इनके उत्पादन में उन रासायनों का उपयोग नहीं कर रहा है, जो अमरीका में प्रतिबंधित हैं. चीनी टूथपेस्ट को लेकर भी अमरीका में विवाद हो चुका है. इस बीच अमरीका और चीन के बीच व्यापार को लेकर भी राजनीतिक विवाद हो चुका है. चीन के साथ घटते अमरीकी व्यापार का हवाल देते हुए अमरीकी संसद ने कहा था कि ऐसी सूरत में अमरीका को चीन से आयात पर नियंत्रण करना चाहिए. उल्लेखनीय है कि अमरीका ने 2006 में 18.6 लाख खरब डॉलर का आयात किया था. संभावना जताई जा रही है कि इस साल सिर्फ़ खाद्य सामग्री के आयात में 15 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें रोज़गार देने में चीन से आगे भारत20 जून, 2007 | कारोबार 'अमरीका की बराबरी कर लेगा चीन'02 जून, 2007 | कारोबार जी-7 देशों को पीछे छोड़ देगा चीन04 मार्च, 2006 | कारोबार चीनी नदी में सौ टन ज़हरीला रसायन25 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना भारत के खेतों में चीनी उपकरण24 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||