|
'इस्लामी मूल्यों के प्रवेश पर सचेत रहें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोप बेनेडिक्ट के निजी सचिव जॉर्ज गैंसवीन ने यूरोपीय लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे पश्चिमी दुनिया में इस्लामी मूल्यों के प्रवेश के प्रति सचेत रहें. जर्मनी की एक पत्रिका से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिश यूरोप की पहचान के लिए ख़तरा पैदा करती है. ग़ौरतलब है कि पिछले वर्ष ही इस्लाम पर पोप की टिप्पणी से वह विवादों में आए गए थे. उन्हें दुनिया भर में मुसलमानों के विरोध का सामना करना पड़ा और अंत में उन्होंने माफ़ी माँग ली थी. उसके बाद से पोप बेनेडिक्ट मुस्लिम जगत में अपनी छवि सुधारने की कोशिश करते रहे हैं और इसी दौरान उनके निजी सचिव का यह बयान आया है. पोप के निजी सचिव ने कहा है, "पश्चिम के इस्लामीकरण की कोशिशों को ख़ारिज नहीं किया जाना चाहिए और इससे यूरोप की पहचान पर ख़तरे को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए." जॉर्ज गैंसवीन कहते हैं, "इस्लाम की विचारधारा में कई तरह के दृष्टिकोणों का संग्रह है जो कभी-कभी परस्पर विरोधी होते हैं. इसमें वो चरमपंथी भी शामिल हैं जो अपनी गतिविधियों में क़ुरान का हवाला देते हैं और हथियार उठाते हैं." हालाँकि उन्होंने पश्चिम में इस्लामी मूल्यों के प्रसार की कोशिशों का कोई उदाहरण नहीं दिया. उन्होंने ये भी कहा कि पोप सभी धर्मों के साथ संवाद कायम करने की कोशिश कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पोप तुर्की यात्रा के दौरान मस्जिद में गए30 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप की मुस्लिम नेताओं से मुलाकात25 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'विभिन्न धर्मों के बीच संवाद ज़रूरी' 25 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप ने कहा, उन्हें 'ग़लत समझा गया'20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप ने खुद मुसलमानों से माफी माँगी17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पोप की टिप्पणी से मुसलमान नाराज़15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||