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रूस ने ब्रिटेन को चेतावनी दी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस ने अपने चार राजनयिकों को निकाले जाने के फ़ैसले पर ब्रिटेन को चेतावनी दी है और कहा है कि इसके 'गंभीर परिणाम' होंगे. रूस के विदेश मंत्रालय का कहना था कि राजनयिकों को निकाले जाने का फ़ैसला 'अनैतिक' है. राष्ट्रपति पुतिन के प्रवक्ता का कहना था कि यह क़दम सोचने के पुराने तरीके की याद दिलाता है. ब्रिटेन इस मामले का राजनीतिकरण कर रहा है. ग़ौरतलब है कि ब्रिटेन ने रूस के चार राजनयिकों को देश से निकालने का फ़ैसला किया था, ये चारों अधिकारी ब्रिटेन स्थित रूसी दूतावास में तैनात हैं. इससे पहले रूस ने एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को की हत्या के मामले से जुड़े रूसी ख़ुफ़िया अधिकारी आंद्रेई लुगोवियो को ब्रिटेन को सौंपने से मना कर दिया था. ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि उन्हें इस फ़ैसले पर कोई दुख नहीं है. उन्होंने कहा,'' हम रूस के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं लेकिन जब किसी की हत्या हो जाए और निर्दोष लोगों की जान को ख़तरा हो तो कार्रवाई ज़रूरी हो जाती है.'' हत्या रूस से आकर ब्रिटेन में शरण लेने वाले लित्विनेन्को की हत्या पिछले वर्ष रेडियो विकिरण का इस्तेमाल करके कर दी गई थी. इस सिलसिले में ब्रितानी पुलिस ख़ुफ़िया एजेंसी केजीबी के अधिकारी आंद्रेई लुगोवियो का प्रत्यर्पण कराना चाहती है जिससे रूस ने इनकार कर दिया है. लित्विनेन्को ख़ुद भी केजीबी के लिए काम करते थे और बाद में राजनीतिक शरणार्थी के रूप में ब्रिटेन में रह रहे थे. ब्रितानी विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने संसद में कहा कि रूस ब्रिटेन का एक अहम साझीदार है, "ब्रिटेन ने यह स्थिति पैदा नहीं की है और न ही हम इससे ख़ुश हैं." उन्होंने कहा कि रूस को सही संदेश देना ज़रूरी है कि ब्रिटेन हत्या के मामले को बहुत गंभीरता से लेता है. ब्रितानी विदेश मंत्री का कहना है कि रूस के इनकार करने से उन्हें काफ़ी निराशा हुई है. पृष्ठभूमि ब्रितानी पुलिस का कहना है कि वह लुगोवियो पर ज़हर देकर हत्या करने का मुक़दमा चलाना चाहती है. एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों के आलोचक थे और पुतिन के व्यक्तिगत जीवन पर लगाए गए आरोपों को लेकर चर्चा में रहे थे. लित्विनेन्को की मौत के बाद उनका एक बयान भी जारी किया गया था जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति के लिए ब्लादिमीर पुतिन को ज़िम्मेदार ठहराया था. लित्विनेन्को के दोस्तों का आरोप है कि उन्हें पुतिन का आलोचक होने की वजह से ज़हर दिया गया था. लित्विनेन्को वर्ष 2000 में ब्रिटेन आने के बाद से निर्वासित ज़िंदगी गुज़ार रहे थे. उन्हें बाद में यहाँ की नागरिकता भी मिल गई थी. पिछले साल नवंबर में लंदन के एक रेस्टोरेंट में कुछ लोगों से मिलने के बाद अचानक लित्विनेन्को की तबीयत ख़राब हो गई और दिनोंदिन बिगड़ती चली गई और फिर उनकी मृत्यु हो गई. |
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