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अजूबे से कम नहीं है हेब्रा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी के सफारी पार्क में इन दिनों एक जानवर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है और वजह है इसका आधा घोड़ा और आधा ज़ेब्रा होना. सफारी पार्क में आने वाला हर शख़्स इस जानवर को देखकर हैरान रह जाता है. घोड़े और ज़ेब्रा की संकर प्रजाति को ‘हेब्रा’ नाम दिया गया है. पार्क की देखरेख करने वालों ने इस हेब्रा को 'एक्लीस' नाम दिया है. ऐसा नहीं है कि ज़ेब्रा की यह संकर प्रजाति दुनिया में इकलौती हो लेकिन इस पार्क में यह ऐसी इकलौती प्रजाति है. एक और ख़ासियत इसे दूसरी प्रजातियों से अलग करती है. संकर प्रजाति के अधिकतर ज़ेब्रा घोड़े और मादा ज़ेब्रा की संतान होते हैं, लेकिन एक्लीस का जन्म इटली में नर ज़ेब्रा और घोड़ी से हुआ है. अकेलापन लेकिन एक्लीस का इस पार्क में मन नहीं लग रहा है और इसकी वजह यह है कि पार्क के दूसरे ज़ेब्रा उसके साथ रहना पसंद नहीं करते. मजबूरन एक वर्ष की एक्लीस को अकेले ही चरना और घूमना पड़ता है. अब पार्क के अधिकारियों ने उसके अकेलेपन को दूर करने की ठानी है और वह एक्लीस के लिए नर साथी (ब्यावफ्रेंड) की तलाश में हैं. पार्क के अधिकारियों को उम्मीद है कि वे एक और संकर ज़ेब्रा (हेब्रा) तैयार करने में सफल होंगे और हो सकता है एक्लीस को उसका ब्वायफ्रेंड जल्द मिल जाए. ये बात स्पष्ट है कि एक्लीस कभी माँ नहीं बन सकेगी, क्योंकि खच्चर की तरह आम तौर पर संकर प्रजाति में वंश आगे बढ़ाने की क्षमता नहीं होती. | इससे जुड़ी ख़बरें पहली बार जंगल गया पांडा30 अप्रैल, 2006 | विज्ञान आवाज़ की नकल का उस्ताद हाथी23 मार्च, 2005 | विज्ञान लुप्तप्राय तेंदुओं की संख्या और घटी.22 जनवरी, 2005 | विज्ञान बढ़ती गर्मी से भालूओं की नींद ख़राब17 जनवरी, 2005 | विज्ञान पांडा को यौन शिक्षा से फ़ायदा04 सितंबर, 2004 | विज्ञान बिल्लियों में मिले बर्ड फ़्लू के वायरस20 फ़रवरी, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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