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बढ़ती गर्मी से भालूओं की नींद ख़राब | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रुस के उत्तर पश्चिमी भाग में गर्मी बढ़ने के कारण सेंट पीटर्सबर्ग चिड़ियाघर के भालूओं की नींद ख़राब हो रही है. चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने इंटरफैक्स संवाद समिति को बताया कि एक काला भालू पिछले कई रातों से जगा हुआ है जबकि एक और भालू सर्दियों की अपनी लंबी नींद पर गया ही नहीं है. इन भालूओं को शून्य से कम तापमान पर रहने की आदत है और ये सामान्य तौर पर ठंड के मौसम में लंबी नींद में चले जाते हैं. इस बार रुस के ठंडे इलाकों में तापमान रिकार्ड सात डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है जो इन भालूओं को रास नहीं आ रहा है. इस तापमान के साथ ही हवाएं चलने और बारिश के कारण नदियों में जमी बर्फ भी लगातार पिघल रही है. पूरे उत्तरी यूरोप में पिछले कई दिनों से आंधियां चल रही हैं जिसके बारे में कहा जा रहा है कि पिछले 40 साल में बाल्टिक प्रदेशों में ऐसा ख़राब मौसम कभी नहीं रहा. जैव विज्ञानी भालूओं के बदलते व्यवहार पर नज़र रखे हुए हैं जो बढ़ते तापमान के कारण परेशान हैं. इतर तास के अनुसार जंगली भालू और ऐसे कई अन्य जानवरों को जगा हुआ पाया गया है जो ठंड के मौसम में लंबी नींद पर चले जाते हैं. बढ़ते तापमान का हाल यह है कि रुस के पश्चिमी शहर कालिनीग्राद में बसंत ऋतु पहले ही आ गई है. यहां तापमान 10 डिग्री बढ़ गया जिसके कारण बसंत में खिलने वाले फूल अभी ही आ गए हैं. मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले हफ्ते ठंड और बढ़ेगी और इन इलाकों में स्थिति सामान्य हो सकेगी. |
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